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घोषणा के बावजूद नहीं मिला भीलवाड़ा जेल को बजट

राज्य सरकार ने मौजूदा वित्तीय वर्ष के बजट में जिला कारागार का नया भवन बनाने की घोषणा तो की, लेकिन नए भवन के लिए बजट दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहा है। इसके विपरीत सरकार ने आवंटित जमीन पर पौधरोपण के लिए केवल 35 हजार रुपए का बजट देकर इतिश्री कर ली। दूसरी तरफ नया भवन नहीं मिलने से जेल की बैरकों में क्षमता से अधिक बंदी बढ़ते जा रहे हैं।

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भीलवाड़ा। राज्य सरकार ने मौजूदा वित्तीय वर्ष के बजट में जिला कारागार का नया भवन बनाने की घोषणा तो की, लेकिन नए भवन के लिए बजट दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहा है। इसके विपरीत सरकार ने आवंटित जमीन पर पौधरोपण के लिए केवल 35 हजार रुपए का बजट देकर इतिश्री कर ली। दूसरी तरफ नया भवन नहीं मिलने से जेल की बैरकों में क्षमता से अधिक बंदी बढ़ते जा रहे हैं।

राज्य सरकार ने इस बजट में भीलवाड़ा जेल को नए भवन में स्थानांतरित करने की घोषणा की थी। ऐसे में उम्मीद बंधी थी की इस साल जिला कारागार को नया भवन मिल जाएगा, लेकिन राज्य सरकार की यह बजट घोषणा थोथी साबित हुई है। भवन तो दूर की बात है नए भवन की चारदीवारी के लिए बजट भी नहीं मिल सका है।

धोलपुर का नक्शा समझ से परे

जानकार बताते हैं कि जेल के नए भवन के लिए मुख्यालय जयपुर ने ही धोलपुर जिला कारागार की तर्ज पर नया जेल भवन बनाने का प्रस्ताव जेल प्रबंधन की मदद से सार्वजनिक निर्माण विभाग को भिजवाया था, लेकिन निर्माण विभाग ने नक्शा व उसमें समावेश जानकारी को ही अस्पष्ट बताते हुए नक्शे को खारिज कर दिया। जेल प्रबंधन ने फिर से मुख्यालय को लिखा है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिल सका।

आरक्षित भूमि की जमीन पर चारदीवारी के लिए जेल प्रशासन ने सरकार से वर्ष 2023 में बजट मांगा था, दो साल से सरकार से एक करोड़ 64 लाख 72 हजार रुपए प्रस्तावित बजट के लिए पत्राचार जारी है, लेकिन यह बजट भी नहीं मिला है।

क्षमता से अधिक बंदी

जिला जेल में बंदी क्षमता 225 है। इसमें अभी छह महिला समेत 340 बंदी हैं। जेल में कुल आठ बैरक हैं। इनमें दो महिला बैरक हैं। यहां जेल में केवल न्यायिक अभिरक्षा में आने वाले अपराधी ही रखे जाते हैं। कई बार पुलिस के विशेष अभियान के चलते यहां की बैरक छोटी पड़ जाती है। बंदियों की संख्या पौने चार तक पहुंच जाती है। ऐसे में बंदियों को अजमेर के साथ ही अन्य जिला जेलों में शिफ्ट करना पड़ता है।

आधुनिक मुलाकात कक्ष कागजों में अटका

जेल में बंदियों से मुलाकात के लिए नया आधुनिक सुविधा युक्त मुलाकात कक्ष निर्माण की योजना थी। सार्वजनिक निर्माण विभाग ने इस पर निर्माण कार्य के लिए 14.85 लाख का प्रस्ताव बनाया। जेल प्रशासन ने जुलाई 2024 में यह प्रस्ताव राज्य सरकार को भिजवाया, लेकिन अभी तक इस पर कोई काम नहीं हुआ।

पौधरोपण के लिए आया बजट

राज्य सरकार ने जिला कारागार व आवंटित जमीन पर पौधरोपण के लिए 35 हजार रुपए का बजट भिजवाया है। इसमें पांच सौ पौधे मौजूदा जेल भवन परिसर में लगाने हैं, जबकि शेष राशि के पौधे आवंटित जमीन पर लगवाने हैं, मजे की बात तो यह है कि आवंटित जेल भूमि पर चारदीवारी तक नहीं है और जमीन पानी से भरे गड्ढों से भरी पड़ी हैं।

25 साल पहले जमीन हुई थी आवंटित

राज्य सरकार ने शहर के उपनगर सांगानेर के निकट वर्ष 2000 में जिला कारागार के नए भवन के निर्माण के लिए 42 बीघा जमीन आवंटित की थी, लेकिन 25 साल बीत जाने के बावजूद आवंटित जमीन की चारदीवारी के निर्माण के लिए बजट नहीं मिल सका है।

मांग रखा है सरकार से बजट

भीलवाड़ा जिला कारागार को नए भवन में स्थानांतरित करने की बजट में घोषणा हुई है। मौजूदा जेल में क्षमता से अधिक बंदी है। नए भवन के लिए सरकार से नया नक्शा मंगवाया है। चारदीवारी व आधुनिक मुलाकात कक्ष के निर्माण के लिए भी बजट मांग रखा है।

भैरुसिंह राठौड़, जेल अधीक्षक, भीलवाड़ा