डूंगरपुर. स्वर कोकिला लता मंगेश्कर की जयंती है। यह दिन उनके गीतों को गुनगुनाने का है। दशकों तक अपनी मधुर सूरों से पूरे विश्व के संगीत रसिकों को मंत्रमुग्ध करने वाली लता मंगेश्कर का डूंगरपुर से भी खास नाता रहा है। डूंगरपुर राजघराने के राजसिंह डूंगरपुर से उनकी मित्रता रही और उनके आग्रह पर ही लता ने राज्यसभा सांसद रहते हुए जिला मुख्यालय पर स्थित जिला अस्पताल को २५ लाख रुपए की राशि आवंटित की थी। स्व. हरिदेव जोशी जिला अस्पताल परिसर में बने हुए लता मंगेश्कर हॉल में फिलहाल एआरटी सेंटर संचालित हो रहा है।
राजस्थान पत्रिका के स्थापना दिवस से शुरू हुई थी पहल
राजसिंह डूंगरपुर का क्रिकेट से लगाव था। वह अधिकांश समय मुंबई में ही रहते थे। लता मंगेशकर को भी क्रिकेट खेल से विशेष लगाव था। इसी सिलसिले में उनकी मित्रता हुई। वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र उपाध्याय बताते हैं कि राजसिंह डूंगरपुर मुम्बई में वानखड़े स्टेडियम के सामने स्थित अपने निवास स्थान विजय महल में रहने के बजाय अपना अधिकांश समय क्रिकेट क्लब ऑफ इण्डिया (ब्रेबोन स्टेडियम) परिसर में ही गुजारते थे। यहां डूंगरपुर के लोगों का भी आना-जाना लगा रहता था। उस दौरान डूंगरपुर की चर्चा दौरान डूंगरपुर चिकित्सालय की कमियों से वह काफी द्रवित हो उठते। लता मंगेशकर से भी इस संबंध में अक्सर चर्चा होती रहती थी। उपाध्याय बताते हैं कि राजस्थान पत्रिका के बांसवाड़ा संस्करण उद्घाटन 25 जनवरी 2004 को स्व. राजसिंह डूंगरपुर के हाथों हुआ था। यात्रा के समय मार्ग में चर्चा के दौरान राजसिंह डूंगरपुर को राज्य सभा सांसद मंगेशकर डूंगरपुर चिकित्सालय के लिए सहयोग का आग्रह किया। इस पर सिंह ने मंगेशकर से आग्रह किया और मंगेशकर ने अपने संसदीय कोटे से 25 लाख की अनुशंसा की।
पहले किसी जनप्रतिनिधि ने नहीं दी राशि
डूंगरपुर जिला अस्पताल में लता मंगेशकर के पूर्व किसी सांसद या विधायक मद से राशि आवंटन का उल्लेख सरकारी दस्तावेजों में नहीं मिलता है। लता के अलावा केवल डूंगरपुर विधायक नाथूराम अहारी ने पांच हजार रुपए की राशि दिए थे। हालांकि, बाद में कुछ अन्य प्रतिनिधियों ने भी राशि आवंटित की।
लता के नाम से है सभागार
राशि आवंटित होने पर जिला अस्पताल में एक सभागार तथा कुछ कमरों का निर्माण किया गया। इसका नामकरण लता मंगेशकर के नाम पर ही किया गया। वर्तमान में इसी परिसर में एआरटी सेंटर संचालित है।
ध्यान देने की जरूरत..
लता मंगेश्कर हॉल के मौजूदा हालात ये है कि हॉल जाने के लिए सकड़ी गली से होकर जाना पड़ता है। एक कक्ष में धुलाई क्षेत्र बना रखा है। एआरटी सेंटर के पास गंदगी पसरी हुई है। छतों एवं नालों का पूरा पानी पसर रहा है। इससे यहां मच्छरों का साम्राज्य फैल रहा है। सफाई का नामोनिशान नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में इस भवन परिसर के आसपास स्वच्छता की तरफ ध्यान देने की जरूरत है।