दोनों हाथों में फ्रेक्चर, चोट के कारण सिर मेंपट्टी बंधी हुई। साथ में गवाह सुखाराम, जिसके दोनों पैरों में पट्टियां बंधी हुई। मां-बाप को साथ लेकर नागौर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची सुमित्रा उर्फ काजल ने एसपी के नाम एएसपी सुमित कुमार को पत्र सौंपकर अपनी पीड़ा बताई।
मूलरूप से खींवसर के पीपलिया हाल आनंद नगर जोधपुर निवासी सुमित्रा पिछले काफी समय से अपनों से न्याय की जंग लड़ रही है। गत दिनों खींवसर से वापस मोटरसाइकिल पर जोधपुर जा रही थी। उस दौरान आरोपियों ने बड़े वाहन से टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर घायल हो गई। कुछ लोगों ने काजल को जोधपुर के अस्पताल पहुंचाया, जहां दो-तीन दिन उपचार के बाद होश आने पर उसने पुलिस को बयान देकर आरोपियों के खिलाफ खींवसर थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, गांव के सुखाराम जाट ने गवाही दी तो आरोपियों ने उसके दोनों पैरों को कंटीले तारों से बंधी लकड़ी से वार कर लहूलुहान कर दिया। फिर भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इस पर मंगलवार को काजल अपने माता-पिता व घायल सुखाराम को लेकर एसपी से मिलने पहुंची। यहां तीन घंटे तक एसपी का इंतजार किया, इसके बाद एएसपी सुमित कुमार को ज्ञापन सौंपकर अपनी पीड़ा बताई। सुमित्रा ने बताया कि आरोपी उसके पिता के हक की जमीन हड़पना चाहते हैं, इसलिए बार-बार उस पर हमले कर रहे हैं। पुलिस की उदासीनता के कारण आरोपियों के हौसले बुलंद हैं।