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आंधी के साथ बरसा पानी, 25 से ज्यादा पेड़ गिरे, दुकानों की चद्दर उड़ी
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आंधी के साथ बरसा पानी, 25 से ज्यादा पेड़ गिरे, दुकानों की चद्दर उड़ी

– अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र है सक्रिय, अक्टूबर में अब करीब पौन इंच बारिश – 35 किलोमीटर की रफ्तार से चली हवा इंदौर. अरब सागर से आ रहे बादल मंगलवार को शहर में जमकर बरसे। दोपहर के समय 35 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली व जोरदार बारिश हुई। इससे […]

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– अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र है सक्रिय, अक्टूबर में अब करीब पौन इंच बारिश

35 किलोमीटर की रफ्तार से चली हवा

इंदौर. अरब सागर से आ रहे बादल मंगलवार को शहर में जमकर बरसे। दोपहर के समय 35 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली व जोरदार बारिश हुई। इससे शहर में कई जगह पर पेड़ गिरे। रीजनल पार्क स्थित पटाखा दुकानों की चद्दरें भी उड़ गई। अक्टूबर में अब तक 16.8 मिमी (करीब पौन इंच) बारिश दर्ज हो चुकी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अगले एक से दो दिनों तक इसी तरह स्थिति बनी रहेगी।

मंगलवार सुबह तेज धूप निकली, लेकिन दोपहर को अचानक मौसम बदल गया। काले घने बादल छाए व कई क्षेत्रों में तेज बारिश होने लगी। शाम 5.30 बजे तक 1.4 मिमी बारिश दर्ज हुई। दिन का तापमान 32.8 डिग्री व 22.6 डिग्री दर्ज किया गया। एक दिन पहले यह 31.6 डिग्री व 23.1 डिग्री दर्ज हुआ था। 24 घंटे में दिन के तापमान में 1.2 डिग्री व रात के तापमान में 1.1 डिग्री की कमी दर्ज हुई है। आद्रता 88 फीसदी दर्ज हुई। वहीं दृष्यता 5000 मीटर रही। भारत मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल की वैज्ञानिक डॉ. दिव्या सुरेंद्रन ने बताया, 15 अक्टूबर को दक्षिण पश्चिम मानसून की प्रदेश से विदाई हो गई है। एक कम दबाव का क्षेत्र बनने से यह बारिश दर्ज हो रही है। अगले एक से दो दिनों तक इस तरह की स्थिति बनी रहने का अनुमान है।

एक्सपर्ट व्यू- हरि शंकर पांडेय, मौसम वैज्ञानिक भोपाल

अक्टूबर में कम रहती है बारिश

प्रदेश से मानसून 15 अक्टूबर तक विदा होता है, इंदौर में इससे पहले हो जाता है। पिछले दस सालों में 2023 ऐसा रहा जब अक्टूबर में बारिश नहीं हुई। इस बार अरब सागर में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण शुरुआती सप्ताह से ही लगातार बारिश हो रही है। अक्टूबर के इस माह में वर्षा काल से शीत ऋतु में परिवर्तन का समय होता है। यह अचानक से आ जाए ऐसा नहीं होता। नमी भी बादल का रूप लेती है। अभी तापमान भी अधिक है।

कार-मकान पर गिरे पेेड़, पटाखा दुकानें अस्त-व्यस्त

बिचौली हप्सी में एक कार पर पेड़ गिर गया तो राजेंद्र नगर में एक मकान पर पेड़ गिरा। बाजार में दुकानों के बाहर रखे सामान व बोर्ड भी धराशायी हो गए। लगभग आधे घंटे की बारिश से रीजनल पार्क में लगी पटाखा दुकानें भी अस्त-व्यस्त हो गई। भंवरकुआं क्षेत्र में पांच से छह जगह, बिचौली हप्सी में सात जगह, राजेंद्र नगर में भी दो से तीन स्थानों पर पेड़ गिरे। इसी क्षेत्र में मकान के ऊपर पेड़ भी गिरा। इसे उद्यान विभाग के कर्मचारियों ने हटाया

ट्रक और वाहनों के नीचे छिपे

रीजनल पार्क क्षेत्र में लग रहीं दुकानों के शेड तेज हवा से नीचे गिर गए। इस दौरान वहां खड़े लोग भागे। ट्रक और अन्य वाहनों के नीचे भी छिपना पड़ा। तेज बारिश से कई व्यापारियों की दुकानों और गोडाउन में पानी भर जाने से पटाखे भी गीले हो गए। क्षेत्र में करीब 3 घंटे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही।