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राजस्थान पत्रिका ने दिखाई राह…साइबर ठगी के विरुद्ध अब हम रहेंगे सजग

राजस्थान पत्रिका का कोटि-कोटि आभार एवं धन्यवाद की रक्षा कवच के जरिए प्रदेश की जनता को साइबर अपराधियों से सचेत किया। इसी अभियान के माध्यम से हम सचेत हुए हैं। अब हम लोगों को समझा कर साइबर अपरा​धियों से ठगने से बचा रहे हैं।

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भीलवाड़ा. साइबर ठग शेयर मार्केट में मोटा मुनाफे के नाम पर लाखों की चपत लगा रहे हैं। अच्छे निवेश का झांसा देकर ठग रहे हैं। उधारी चुकाने की बात कह कर बैंक खाता खाली रहे हैं। कमाई के अन्य रास्ते बता कर मोटी रकम हड़प रहे हैं।

राजस्थान पत्रिका का कोटि-कोटि आभार एवं धन्यवाद की रक्षा कवच के जरिए प्रदेश की जनता को साइबर अपराधियों से सचेत किया। इसी अभियान के माध्यम से हम सचेत हुए हैं। अब हम लोगों को समझा कर साइबर अपरा​धियों से ठगने से बचा रहे हैं। राजस्थान पत्रिका के रक्षा कवच अभियान के तहत साइबर क्राइम के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए टॉक शो में छोटी पुलिया आर के आरसी के व्यवसायियों ने यह बात कही।

ई-मित्र संचालक मनीष चेचानी ने बताया कि पत्रिका अभियान से हमने जाना कि किस प्रकार से साइबर हमला तेजी से हो रहा है। हम समझे तो लोगों को भी समझा रहे हैं। रोक भी रहे हैं कि अनजान लोगों को पैसा ट्रांसफर ना करें और ना ही उनके झांसे में आएं। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को भी जागरूक करने की सलाह दी है।

परिजन को ठगी से बचाया

पार्षद ओमप्रकाश पाराशर ने कहा कि पत्रिका के अभियान से मुझे साइबर क्राइम की जानकारी थी। ऐसे ही एक अनचाहे कॉल बेटी के नाम को लेकर आया तो मैं सतर्क हो गया और बच गया। सियाराम विजयवर्गीय ने भतीजे से हुई साइबर ठगी के बाद परिजन को पत्रिका के अभियान की जानकारी दी। इसके बाद से सब सावधान हैं। शुभम टेलर ने कहा कि मोबाइल में ट्रेयू ऐप अपलोड करें और इसके बाद कॉल एडेंट करने से पहले ऐप में आने वाली रेड लाइन को देखे और समझे एवं कॉल नहीं उठाएं।

बुजुर्ग व ग्रामीणों को करें सचेत

पंकज व्यास ने कहा कि पत्रिका सामाजिक सरोकार के प्रति सहभागिता निभा रहा है। साइबर क्राइम डिजिटल युग का सबसे बड़ा अपराधिक चक्रव्यूह है। सभी संभल कर रहें। मनीष शर्मा ने कहा कि बुजुर्ग व ग्रामीण लोगों को भी सचेत करने की जरूरत है। कमलेश जेठानी ने कहा कि घर के सदस्यों को जागरूक करने की जरूरत है।

जागरूक करने की जरूरत

ललित जेठानी ने कहा कि सहज रहे एवं सजग रहें, यह सावधानी बरती तो आप बच जाएंगे। परिजनों के संकट में फंसे होने के अनजान व्यक्ति के कॉल आने पर तुरंट कॉल काट दें और इसके बाद परिजन से सीधी बात करें। इसी प्रकार राजेन्द्र कुमार जागेटिया, सुरेन्द्र कुमार चपलोत, विक्रम माहेश्वरी, लक्ष्मीलाल मूंदड़ा, हनुमान सिंह, श्रवण शर्मा, अर्जुन सिंह, महादेव सुवालका व दीपक पाराशर ने भी अपनी बात रखी।