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साहब, मेरी पत्नी को ले गई भिखारी पकडऩे वाली गाडी़

– जिला प्रशासन की जनसुनवाई में पति ने लगाई दरकार – बोला – गंभीर रूप से है बीमार, लेने गई थी दवाई इंदौर। कलेक्टोरेट में जनसुनवाई के दौरान एक रोचक दरकार सामने आई। पति ने आवेदन दिया कि उसकी पत्नी को भिखारी पकडऩे वाली गाड़ी ले गई है। वह गंभीर बीमारी से पीडि़त है जो […]

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– जिला प्रशासन की जनसुनवाई में पति ने लगाई दरकार – बोला – गंभीर रूप से है बीमार, लेने गई थी दवाई

इंदौर। कलेक्टोरेट में जनसुनवाई के दौरान एक रोचक दरकार सामने आई। पति ने आवेदन दिया कि उसकी पत्नी को भिखारी पकडऩे वाली गाड़ी ले गई है। वह गंभीर बीमारी से पीडि़त है जो दवा लेने के लिए खजराना के मेडिकल स्टोर पर गई थी। जहां से उसे पकड़कर ले गए। मेरी पत्नी को छुड़वाया जाए। ऐसी ही एक गुहार पोते ने दादा को छुड़वाने के लिए लगाई।

मंगलवार को प्रशासनिक संकुल की जनसुनवाई में योजना 140 स्थित आइडीए मल्टी पिपल्याहाना रहवासी पहुंचा। अपर कलेक्टर रोशन राय को दरकार लगाते हुए कहना था कि मेरी पत्नी उम्र 60 वर्ष गंभीर बीमार से पीडित है जिसे नियमित दवा लगती है। दवा खजराना मंदिर के पास मेडिकल स्टोर पर ही मिलती हैं। 25 सितंबर को शाम 4 बजे वह मेडिकल स्टोर गई थी लेकिन जब घर नहीं आई। ढूंढने पर पता चला कि पत्नी को भीख मांगने वालों को पकडऩे वाली टीम वाहन में लेकर गई है।

मेरे दादाजी को छोड़ दो

न्यू रजत पैलेस इंदौर निवासी ने भी आवेदन दिया है। कहना है कि मेरे दादाजी (73) वृद्ध होने की वजह से मानसिक संतुलन खो चुके है। 27 सितंबर को दोपहर साईंबाबा मंदिर पर दर्शन करने गए थे जहां से नगर निगम इंदौर की भिक्षावृत्ति रोकने वाली टीम उन्हें पकडकऱ ले गई। उन्हें उज्जैन के आश्रम में शिफ्ट किया गया है। उन्हें छोड़ दिया जाए। भविष्य में हम उनका पूरा ध्यान रखेंगे। मंदिर दर्शन के दौरान साथ ही रहूंगा।