
डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन : निर्माताओं पर प्रतिबंध लगाने की मांग
इंदौर. चिकित्सा महासंघ के सदस्यों सहित एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर्स शुक्रवार को एमवायएच में एकत्रित हुए। यहां अमानक दवाओं के विरोध में उनकी प्रतीकात्मक होली जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। डॉक्टर्स ने अमानक दवाओं पर रोक व कंपनियों पर कार्रवाई की मांग की।
पहले दिन गुरुवार को सभी ने काली पट्टी बांधकर अपने कार्यक्षेत्र में काम किया था। शुक्रवार को एमजीएम मेडिकल कॉलेज सहित जिला स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर्स ने अमानक दवाओं की होली जलाई। एमजीएम मेडिकल कॉलेज जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने भी इसमें समर्थन दिया है।
मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राहुल रोकड़े व सचिव डॉ. अशोक ठाकुर ने बताया, प्रदेश के सभी जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में यह चरणबद्ध हड़ताल शुरू हुई है। शासन से उच्च न्यायालय से आदेशित उच्च स्तरीय समिति का गठन, कैबिनेट से पारित डीएसीपी, एनपीए का क्रियान्वयन, सातवें वेतनमान का वास्तविक लाभ, सुरक्षा निर्देशों का क्रियान्वयन को लेकर मांग की गई है। हड़ताल के दूसरे दिन एमपीपीएचसीएल के अमानक दवाओं की प्रतीकात्मक सामूहिक दहन किया गया। वहीं अमानक दवाओं पर रोक व इनके निर्माताओं पर कार्रवाई की मांग की है। 22 फरवरी को सभी चिकित्सक सामूहिक उपवास रखेंगे। 24 को भी उपवास व अमानक दवाओं की प्रतीकात्मक होली जलाई जाएगी। 25 से प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।