मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 16वें वित्त आयोग के समक्ष कई मांगें रखीं। सोमवार को गांधीनगर में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि गुजरात जैसे राज्य जो राजकोषीय विवेक (फिस्कलप्रुडेंट) का अनुशासित ढंग से पालन करते हैं, उन्हें आयोग की ओर से पुरस्कृत किया जाना चाहिए इसके चलते ऐसे राज्यों के दायित्वपूर्ण वित्तीय प्रबंधन एवं अनुशासित व्यय को पहचान मिलेगी। अन्य राज्य भी इसके लिए प्रेरित होंगे।
मुख्यमंत्री पटेल ने वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पानगढ़िया तथा 4 सदस्यों के समक्ष कई महत्वपूर्ण सुझाव भी रखे। उन्होंने यह सुझाव दिया कि राज्य के विकास के लिए परफॉर्मेंस इंडिकेटर पर ध्यान दिया जाए, जिससे राज्य की क्षमता और परिणाम को बेहतर ढंग से मापा जा सके।
केन्द्र से उचित संसाधन-सहयोग की अपेक्षा
बैठक में सीएम ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत@2047 के विजन को साकार करने में गुजरात की तैयारी की बात कही। इसके लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को हासिल करने को लेकर केन्द्र सरकार से उचित संसाधन एवं सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की। गुजरात में जो विशिष्ट स्थिति है, आयोग को वित्तीय आवंटन में उसे भी ध्यान में लेने की आवश्यकता है।
इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि गुजरात में एक ओर शहरीकरण तेजी से बढ़ रहा है, तो दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में बसे आदिवासी समुदायों की भी अपनी भिन्न-भिन्न आवश्यकताएं हैं।
उन्होंने कहा कि वित्त आयोग के उचित सहयोग एवं समर्थन से ही गुजरात ऐसी आवश्यकताओं पर ध्यान देकर देश के विकास में प्रभावी योगदान दे सकेगा।
मुख्यमंत्री ने मांग की कि वित्त आयोग से गुजरात को मिलने वाले लाभ इन वास्तविकताओं को ध्यान में रखते हुए मिलें तथा आयोग राज्य की महत्वाकांक्षाओं व आवश्यकताओं के साथ तालमेल साध कर राज्य की वास्तविकताओं को पूरा करे।
सीएम ने कहा कि आयोग गुजरात के साथ ही अच्छी प्रगति कर रहे राज्यों को वित्तीय रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए सहयोग एवं मार्गदर्शन देता रहे।
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गुजरात देश का पहला दक्षिण कोरिया-ताईवान बनने को तैयार (अलग से बॉक्स)
वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ पानगढ़िया ने गुजरात की आर्थिक प्रगति की प्रशंसा करते हुए कहा कि पिछले दस वर्ष में जब समग्र देश की रीयल जीडीपी ग्रोथ रेट औसत करीब 6 प्रतिशत रही है, जबकि गुजरात की वास्तविक जीडीपी ग्रोथ रेट औसत 8.5 प्रतिशत है।
उन्होंने गुजरात की मैन्यूफैक्चरिंग स्टेट के रूप में विकास की स्ट्रैटेजी को उचित बताते हुए कहा कि गुजरात भारत का प्रथम दक्षिण कोरिया तथा ताईवान बनने के लिए तैयार हो रहा है।
सूरत इकोनॉमिक रीजन मॉडल की सराहना
उन्होंने गुजरात सरकार के प्रजेंटेशन में सूरत इकोनॉमिक रीजन मॉडल तथा डिस्कॉम की भी प्रशंसा कर इसे अन्यों के लिए पथदर्शक बताया। राज्य के वित्त मंत्री कनू देसाई ने कहा कि वित्त आयोग को नेशनल गोल्स यानी रिन्यूएबल एनर्जी, क्लाइमेट चेंज, सस्टेनेबिलिटी जैसे क्षेत्र में परफॉर्मेंस के आधार पर राज्यों को रिकॉग्नाइज करना चाहिए।
बैठक में मुख्य सचिव राज कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान मुख्य सलाहकार डॉ. हसमुख अढिया व एस. एस. राठौड़ सहित विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव एवं सचिव उपस्थित हुए।