नगर परिषद् बोर्ड की साधारण सभा: केस कमजोर करने की कार्रवाई शून्य घोषित, भूमि बचाने का निर्णय
सिरोही. शहर में बहुचर्चित राजीव नगर आवासीय योजना को लेकर मंगलवार को आयोजित नगर परिषद बोर्ड की बैठक में पार्षदों ने योजना की बेशकीमती करोड़ों रुपए की भूमि को खुर्दबुर्द करने की साजिश का पर्दाफाश कर सर्व सम्मति से पत्र को निरस्त कर भूमि को बचाने और पूर्व के आवेदन यथावत रखने का प्रस्ताव पारित किया।
नगरपरिषद की बोर्ड की बैठक सभापति महेंद्र मेवाड़ा की अध्यक्षता में हुई। बैठक की शुरूआत हालांकि हंगामेदार रही और कुछ समय शहर की राजीव नगर आवासीय योजना पर बहस भी हुई। इस बीच राजीव नगर आवासीय योजना की भूमि के न्यायिक प्रकरण में नगर परिषद के तत्कालीन अधिकारियों की ओर से केस को कमजोर करने व हक त्याग के लिए की गई कार्रवाई को शून्य घोषित करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने और जिन आवेदकों ने पूर्व में आवेदन किया हुआ है, उनके आवेदन को यथावत रखने का सर्व सहमति से प्रस्ताव पारित किया गया।
पार्षद प्रवीण राठौड ने कहा कि राजीव नगर में 2013 व 2022 में कांग्रेस ने जो प्रस्ताव लिए थे, उसको निरस्त करके जिस आयुक्त ने राजीव नगर को खुर्दबुर्द किए जाने के पत्र लिखे थे, उनको शून्य घोषित किए जाए। जो भी पुराने आवेदन किए हुए है, थे उनको प्लॉट दिए जाए। इस पर कांग्रेस और भाजपा के पार्षदों के बीच बहस हुई। हंगामे के बीच राजीव नगर आवासीय योजना में पुराने आवेदकों को प्लॉट आवंटन करने और मौके पर हुए अतिक्रमण को हटाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ।
इसके बाद सार्दुलपुरा आवासीय योजना में आवंटियों को पट्टे जारी करने और कब्जा सुपुर्द किए जाने का भी प्रस्ताव रखा गया। प्रवीण राठौड़ ने सार्दुलपुरा कॉलोनी में अतिक्रमण हटा कर लाइङ्क्षनग कर उस पर प्लॉट नम्बर लिखकर आवेदकों को दिए जाने की बात रखी। यह प्रस्ताव भी पारित किया गया। साथ ही पार्षद गीता राजपुरोहित ने बताया कि जो टैंडर नगर परिषद में दिए जाते हैं, उसकी एक कॉपी सभी पार्षदों को दी जाए, ताकि पार्षदों को जानकारी में रहे तथा समय पर नगर के विकास के कार्य करवाए जा सकें।
तख्ती लेकर पहुंची महिला पार्षद
बैठक के एजेंडे में शामिल घर-घर कचरा संग्रहण, सफाई व्यवस्था व सीवरेज कार्य के प्रस्ताव पर जमकर हंगामा हुआ। पार्षद गीता राजपुरोहित ने सीवरेज व गैस पाइप लाइन के कार्यों में रही खामियों व गुणवत्ता पर सवाल उठाए। वार्डों में नालियों की सफाई समय पर नहीं होने और फैल रही गंदगी पर बोर्ड को घेरा। पार्षद अफसाना कौसर निराश्रित गाय-नंदी के दर्द को समझें और उन्हें आश्रय स्थल तक पहुंचाएं, की तख्ती लेकर बैठक में पहुंची। उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए सभापति को ज्ञापन भी सौंपा। समाधान नहीं होने पर भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी। पार्षद सुंधाशु गौड ने आरोप लगाया कि खुले घूम रहे पशुओं को पकडऩे पर उन्हें छोडऩे के लिए प्रतिपक्ष नेता का फोन आ जाता है। जिस पर बैठक में पक्ष-विपक्ष के बीच जोरदार हंगामा हुआ। मगन मीणा ने कहा कि वार्ड में घूमने वाले पशुओं को पकडऩे पर वो आगे भी छुडवाएंगे, क्योंकि उनके वहां पशुपालकों के ही पशु घूमते हैं। पार्षदों ने पशुओं को पकडऩे के लिए 10 लाख में दिए ठेके की जांच के लिए कमेटी बनाने की मांग की, जिस पर सभापति ने सहमति दी।
यह जमीन जनता की है, जनता की ही रहेगी
बैठक में पार्षद गोपाल माली ने कहा कि राजीव नगर योजना की जमीन जनता की है और जनता की ही रहेगी। पूर्व सभापति ताराराम माली व वर्तमान राज्य मंत्री ओटाराम देवासी के सहयोग इस जमीन को बचाने के लिए काफी प्रयास किए। पांच साल कांग्रेस के राज में ऐसे प्रस्ताव लिए गए, जिससे यह दिक्कतें आई। 2022 में बोर्ड ने जो प्रस्ताव ले आई थी, जिसका भाजपा के पार्षद विरोध कर रहे थे, वो प्रस्ताव खारिज करना पड़ा, ऐसी क्या नौबत आई।
इस पर भी हुआ निर्णय
इसके अलावा सार्दुलपुरा आवासीय योजना की भूमि में अतिक्रमण हटवाकर आवंटियों को कब्जा सुपुर्द करने, इन्टेलिजेन्स ब्यूरो, जलदाय विभाग, नवोदय विद्यालय को भूमि आवंटन करने, नगर परिषद की ओर से लगाए गए टयूबवैल -टंकियां रिपेयर करने, नगर परिषद में आगामी कार्यों की स्वीकृति के संबंध में निर्णय लिए गए। बैठक में नगर परिषद सिरोही के आयुक्त भंवराराम पटेल, उपसभापति जितेन्द्र ङ्क्षसघी, नेता प्रतिपक्ष मगनलाल मीणा आदि मौजूद थे। बैठक में अरूण ओझा, जितेन्द्र ऐरन, अनिल कुमार, मनोज पुरोहित, धनपत ङ्क्षसह राठौड़, मणी देवी, मारुफ हुसैन सहित अन्य पार्षदों ने भी अपनी बात रखी।
सफाई की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए
उप सभापति जितेन्द्र ङ्क्षसघी ने कहा कि सिरोही शहर में सफाई नहीं होने से शहर गंदगी से अटा पड़ा है। दुर्गन्ध से आमजन काफी परेशान है। ऐसे में वैकल्पिक व्यवस्था कर सफाई करवाई जाए। पार्षद ईश्वर ङ्क्षसह डाबी ने कहा कि लोगों ने अपने पट्टा शुदा व्यवसायिक प्रतिष्ठानों एवं आवासीय भवनों के आगे चबूतरा, सीढिय़ां व त्रिपाल, पाइप, बोर्ड बाहर सामान रखकर स्थाई एवं अस्थाई अतिक्रमण कर रखा है। जिसे 31 जुलाई के बाद हटाने के लिए नगर परिषद ने आदेश निकाला हुआ है, इस पर नगर परिषद की ओर कार्रवाई करने की बात की। साथ ही उन्होंने बताया कि वार्ड में जो पानी की टंकियां लगी हुई है, उसका दूर उपयोग हो रहा है।