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Video: न सुविधाएं न छूट, फिर भी पीढ़ी दर पीढ़ी निभा रहे परम्परा

Soil has become the source of sustenance

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कुम्हार समाज की मुख्य आजीविका का आधार आज भी मिट्टी ही है। मिट्टी के दीये से लेकर बड़ी-बड़ी मूर्ति तैयार करने वाले ये कारीगर सिर्फ अपने परिवार का भरण पोषण ही कर पा रहे हैं। न तो इन्हें सरकारी सहायता मिलती है और न ही इन्हें कोई विशेष छूट। वर्षों पुरानी परंपरा को जीवित रखने के लिए इस समाज की कई पीढिय़ां खप गईं।