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पुलिस ने बदमाशों को सरेण्डर करने के लिए ललकार तो कर दी फायरिंग

पुलिस व अपराधियों के बीच रविवार रात हुई मुठभेड़ में पुलिस की फायरिंग में जख्मी हुए शातिर अपराधी कमलेश खाती व राहुल सेन को कोतवाली पुलिस ने सोमवार को एमजी चिकित्सालय से छुट्टी मिलती ही गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से दो अवैध पिस्टल व जिंदा कारतूस बरामद किए गए।

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भीलवाड़ा। पुलिस व अपराधियों के बीच रविवार रात हुई मुठभेड़ में पुलिस की फायरिंग में जख्मी हुए शातिर अपराधी कमलेश खाती व राहुल सेन को कोतवाली पुलिस ने सोमवार को एमजी चिकित्सालय से छुट्टी मिलती ही गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से दो अवैध पिस्टल व जिंदा कारतूस बरामद किए गए।

आरोपी कमलेश के खिलाफ लूट, मारपीट व हमले समेत विभिन्न धाराओं में आठ मामले दर्ज है। दूसरी तरफ रविवार रात पुलिस टीम पर हुई फायरिंग के जवाब में पुलिस ने दो राउंड फायर किए। इसमें दोनो आरोपी जख्मी हो गए। इधर, आरोपियों की घेरा बंदी के दौरान हैड कांस्टेबल विजेन्द्र सिंह व शंकरलाल बुलेट प्रुफ जैकेट पहने हुए थे। इसी कारण अपराधियों की तरफ से हुई फायरिंग में वह बाल बाल बच गए। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह यादव ने शातिर अपराधियों को दबोचने पर पुलिस टीम को शाबास दी है।

प्रत्येक अपराधी पर दस हजार का ईनाम

शहर के शास्त्रीनगर क्षेत्र की नीलकंठ कॉलोनी में जमीन विवाद को लेकर विद्यासागर सुराणा व उनकी पत्नी पुष्पा पर गत 6 नवंबर को हुई फायरिंग की घटना हुई थी। इसी घटना को लेकर आरोपी दांथल निवासी बालू जाट, आर के कॉलोनी निवासी कमलेश खाती, मांडलगढ़ के फलासिया निवासी हरिओम शर्मा एवं राहुल सैन के खिलाफ कोतवाली में मामला दर्ज हुआ था। चारों अपराधियों के फरार होने पर 11 नवंबर को जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह यादव ने प्रत्येक पर 10 हजार रुपए का ईनाम घोषित किया था।

विशेष टीम के यह बहादुर

पुलिस अधीक्षक ने फरार अपराधियों की धरपकड़ के लिए एक संयुक्त टीम सुरजीत ठोलिया की अगुवाई में गठित की गई। इसमें पुलिस निरीक्षक सुनील ताडा तथा हैड कांस्टेबल विजेन्द्र सिंह, कालूराम तथा कांस्टेबल शंकरलाल को शामिल किया गया।

चित्तौड़गढ़ जिले तक दौड़ी पुलिस

रविवार को फरार अपराधियों की तलाश में पुलिस टीम बीगोद, माण्डलगढ, लाडपुरा, बेगूं क्षेत्र में गई। टीम वापस भीलवाड़ा की तरफ लौट रही थी। उसी दौरान मुखबीर के जरिए सूचना मिली की आरोपी कमलेश खाती व राहुल सेन हरणी महोदव के आसपास जंगलों में है। इस पर पुलिस टीम अलर्ट हो गई।

कार की रोशनी में की पहचान

टीम हरणी महादेव से मंगरोप जाने वाली रोड पर पाॅम रिसोर्ट के समीप पहुंची तो यहां दोनों छिपे मिले। दोनों की पुलिस के निजी वाहन के की लाइट के जरिए पहचान की गई। इसके बाद टीम के सदस्य कालूराम चालक सीट पर रहे, जबकि दोनों दिशा से निरीक्षक व पुलिस कर्मी आगे बढ़े और दोनों को घेर लिया।

आत्मसमर्पण के लिए ललकारा

निरीक्षक सुरजीत ठोलिया ने बुलन्द आवाज से ललकारा और दोनों को चेतावनी दी की पुलिस टीम ने उन्हें घेर लिया है। इस पर आरोपी कमलेश व राहुल ने पुलिस पार्टी को देखकर अपनी-अपनी कमर से दो पिस्टल निकालकर पुलिस टीम पर तान दी। जिस पर ठोलिया ने पुनः चेतावनी दी और हथियार नीचे रखकर सरेण्डर करने को कहा।

बुलेट प्रुफ जैकेट ने बचाया

इसी बीच आरोपी कमलेश सुथार ने जान से मारने की नियत से कांस्टेबल शंकरलाल पर एक राउण्ड फायर किया जोकि राउण्ड बुलेट प्रुफ जैकेट पर लगा। आरोपी राहुल ने भी पिस्टल से फायर का प्रयास किया।

पुलिस की तरफ से एक-एक राउंड फायर

ठोलियां व ताडा ने चेतावनी पूर्वक एक-एक राउण्ड अपनी अपनी सर्विस पिस्टल से हवाई फायर किया। दोनों आरोपियों ने आत्मसमर्पण की चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए दो कदम पुलिस की तरफ मुंह करते हुए पीछे हटे और चिल्लाये कि हमारे सामने से हट जाओ वरना गोली मार देंगे और पुलिस की तरफ मुंह करके कमलेश खाती ने निशाना साधते हुए दूसरा फायर किया जो दाहिनी तरफ खडे विजेन्द्र सिंह की बुलेट प्रुफ जैकेट पर लगा।

पैरों को बनाया निशाना

पुलिस दल की जान बचाने के लिए ठोलिया ने राहुल सैन के पैर को निशाना साधते हुऐ फायर किया, दाहिने पैर के टखने से थोडा नीचे लगा। राहुल सेन नीचे गिर गया व उसके हाथ से पिस्टल छूटकर नीचे गिर गई। वही सुनील ताडा ने कमलेश खाती के पैर को निशाना साधते हुऐ एक राउण्ड फायर किया। कमलेश के दाहिने पैर के टखने से थोडा नीचे लगा। कमलेश खाती नीचे गिर गया व उसके हाथ से पिस्टल छूटकर नीचे गिर गई।

जान पर खेल गए

इसके बाद कालूराम, विजेन्द्र व शंकरलाल ने तत्परता दिखाते हुएं जान की परवाह किए बगैर नीचे गिरे हुए कमलेश व राहुल को दबोच लिया। उनके कब्जे से दो पिस्टल मय कारतूस जब्त की गई। ठोलिया के चार जिन्दा कारतूस व सुनील ताडा की पिस्टल में आठ जिन्दा कारतूस शेष रहे और दस जिन्दा कारतूस जो कि ताडा की जेब में रखे हुए थे। जोकि सुरक्षित किए। दोनों आरोपियों को बाद मेंं एमजीएच मेंं भर्ती कराया गया।

निरीक्षक की तरफ से मामला

कोतवाली थाने में निरीक्षक ठोलिया ने कमलेश खाती व राहुल सेन के खिलाफ पुलिस दल पर राजकार्य करने में बाधा उत्पन्न करने व जान से मारने की नियत से अवैध हथियार से फायर कर भागने का प्रयास का मामला दर्ज कराया। कोतवाली पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी को इसी मामले में सोमवार को गिरफ्तार किया गया।