रामपुर।तीन महीने पहले जिस गुलबशाह की आवाज को केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने ससंद में उठाया और तीन तलाक की जंग में उसे इंसाफ दिलाने के लिए सासंदों से तलाक बिल पर समर्थन की अपील की। आज रामपुर की वहीं गुलबशाह इंसाफ के लिए लड़ाई लड़ रही है। दरअसल बिते 27 दिसंबर 2017 को कासिम ने अपनी पत्नी गुलबशाह को देर से उठने पर तीन तलाक कह दिया। जिसके बाद पीड़िता तुरंत थाने पहुंची और पुलिस से न्याय की गुहर लगाई। लेकिन मामला बढ़ता देख आरोपी पति ने कानूनी कार्रवाई नहीं करने की अपील की और गांव में ही पंचायत बुलार्इ। इसमें तय हुआ की आरोपी पति कासिम तीन माह की इद्दत पूरी करके दोबारा अपनी पत्नी को अपने साथ रखेंगा। लेकिन अब तीन महीने बीत चुके हैं। लेकिन आरोपी पति कासिम पंचायत के फरमान से मुकर गया।अब लोगों का कहना है कि जब इद्दत पूरी हो गई तो हलाल हो। पीड़ित गुलबशाह इसके लिए भी तैयार है लेकिन उसका पति फिर भी उसे साथ रखने को राजी नहीं हैं। जिससे नराज होकर पीड़िता फिर थाने पहुंची जहां पर पुलिस ने बिना कोई लिखित कार्रवाई करे हुए पीड़िता को उसकी ससुराल में पहुंचाया दिया है। जहां फिलहाल उसके ससुराल का कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं है।और वह अकेले ही अपने घर पर है।