बाजार में भाव अधिक होने से नहीं पहुंच रहे किसान
प्रतापगढ़. इस वर्ष सरकार की ओर से समर्थन मूल्य पर खोले गए खरीद केन्द्र सूने पड़े हुए है। इसन केन्द्रों पर किसान नहीं पहुंच रहे है। गेहंू का बाजार में मूल्य अधिक है। जबकि चना और सरसों के भाव बाजार में कम है। लेकिन किसानों ने बहुत कम पंजीयन कराया है। जिससे विभाग ने भी अभी खरीद शुरू नहीं की है। ऐसे में खरीद केन्द्र सूने पड़़े हुए है।
गौरतलब है कि रबी वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया एक अप्रेल से शुरू हो चुकी है। जिले में गेहंू की खरीद के लिए भारतीय खाद्य निगम को अधिकृत किया गया है। यहां जिला मुख्यालय पर एक केन्द्र बगवास स्थित मंडी में खोला गया है। किसानों को अपना पंजीकरण पोर्टल पर करवाना होगा। भारत सरकार द्वारा इस वर्ष गेहूं की खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 2125 रुपए प्रति ङ्क्षक्वटल निधारित किया गया है।
प्रकृति प्रकोप से खराब गेहूं भी तुलेगा
ओलावृष्टि एवं भारी वर्षा के कारण प्रभावित हुए गेहूं में भी भारत सरकार द्वारा निर्धारित गेहूं की गुणवत्ता के मापदंडो में छूट प्रदान की गई है। एफसीआई किस्म निरीक्षक सुनीलकुमार ने बताया कि भारत सरकार द्वारा किसानों को अपने नजदीकी खरीद केंद्र पर फसल बुवाई की प्रामाणिकता के लिए आवश्यक दस्तावेजो की समस्त औपचरिकताएं पूरी करते हुए भारत सरकार के मापदंडों के अनुसार साफ सुथरा गेहूं न्यूनतम समर्थन मूल्य पर भारत सरकार को बेचने एवं उपज का उचित मूल्य प्राप्त कर सकते है। वहीं निगम द्वारा उन्हें उनकी उपज का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में गेहूं बेचने के 48 घंटो में नियमानुसार कर दिया जाएगा।
पंजीयन के जरूरी दस्तावेज
किसानों को पंजीयन के लिए जन आधार कार्ड का होना आवश्यक है। जिसके माध्यम से किसान के व्यक्तिगत विवरण, जमीन, फसल बुवाई का प्रमाणित विवरण एवं बैंक खाते का विवरण प्राप्त किया जाएगा। किसान निगम की मंडियों में गेहूं विक्रय करने के लिए पंजीयन करवा सकते है। वे खरीद के लिए जारी तिथि के दस दिवस मे अपना गेहूं विक्रय कर सकते है। इसके अतिरिक्त किसान अपने जन आधार से ङ्क्षलक बैंक खाते की जांच कर लें। यदि आवश्यक हो तो अपडेट करवा लेवे क्योकि फसल का भुगतान जन आधार कार्ड से ङ्क्षलक खाते में ही किया जाएगा।चना और सरसों की खरीद भी नहीं
जिले में एक अप्रेल से समर्थन मूल्य पर चना और सरसों की खरीद केन्द्र स्थापित किए गए है। लेकिन पंजीयन के बाद खरीद शुरू नहीं हो पाई है। गौरतलब है कि जिले में समर्थन मूल्य पर एक अप्रेल से चना और सरसों की खरीद के लिए राजफेड को अधिकृत किया गया। इससे सहकारिता विभाग द्वारा जिले में खरीद की जानी है। इसके लिए अरनोद, छोटीसादड़ी और प्रतापगढ़ क्रय-विक्रय सहकारी समितियों की ओर से व्यवस्थाएं की गई है। इसके लिए किसानों ने 22 मार्च से पंजीयन कराना भी शुरू कर दिया है। लेकिन खरीद केन्द्रों पर चना और सरसों की खरीद अभी तक शुरू नहीं हो पाई है।
एसएमएस से मिलेगी सूचना
किसानों को पंजीयन के बाद खरीद केन्द्र पर उपज लाने के लिए मोबाइल पर एसएमएस भेजा जाएगा। जिससे किसानों को निर्धारित दिन पर ही उपज ले जाना होगा। वहीं एसएमएस मिलने के सात दिन के अंदर तक वह केन्द्र पर उपज ले जा सकेगा।यह है चना और सरसों का समर्थन मूल्य
सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर सरसों खरीद का भाव 5450 रुपए प्रति ङ्क्षक्वटल है। जबकि चने का समर्थन मूल्य 5335 प्रति ङ्क्षक्वटल है। इसी प्रकार गेहूं का समर्थन मूल्य 2125 रुपए प्रति ङ्क्षक्वटल तय किया गया है।
जिले में यहां बनाए गए है खरीद केन्द्र
जिले में चना और सरसों के लिए क्रय-विक्रय सहकारी समिति समेत लेम्पस में भी खरीद केन्द्र बनाए गए है। जिसमें छोटीसादड़ी केवीएसएस, अंबावली, मानपुरा जागीर और केसुन्दा ग्राम सेवा सहकारी समिति में खरीद केन्द्र बनाए गए है। इसी प्रकार प्रतापगढ़ केवीएसएस का खरीद केन्द्र बगवास स्थित फल एवं सब्जी मंडी में केन्द्र बनाया गया है। इसके साथ ही कुलथाना, अचलपुर, हाडीजी का पिपलिया लेम्पस में खरीद होगी। अरनोद केवीएसएस के साथ बड़ी साखथली, सालमगढ़ और मोहेड़ा लेम्पस में खरीद केन्द्र बनाए गए है। इस वर्ष एक किसान अधिकतम 25 ङ्क्षक्वटल तक ही उपज बेच सकेगा।