कुख्यात तस्कर कमल राणा और विष्णुदास की सम्पत्तियों पर पुलिस के बोर्ड लगाए
डीजीपी उमेश मिश्रा ने प्रतापगढ़ एसपी अमित कुमार एवं टीम को दी बधाई
प्रतापगढ़. प्रतापगढ़ जिले के दो तस्करों व सहयोगियों के प्रदेश समेत मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में फैले मादक पदार्थों के तस्करों के रैकेट को ध्वस्त करने के लिए पुलिस की ओर से गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की गई।
जिसमें एनडीपीएस एक्ट के तहत मादक पदार्थ तस्करों द्वारा तस्करी से अर्जित अवैध सम्पति को फ्रीज करने के प्रस्ताव को भारत सरकार की ओर से अधिकृत कंपिटेन्ट ऑथोरिटी व एडमिनिस्ट्रेटर सफेमा (एफओपी) एण्ड एनडीपीएस एक्ट नई दिल्ली द्वारा फ्रीङ्क्षजग आदेश को स्थाई करते हुए कार्रवाई की गई। बांसवाड़ा रेंज आईजी एस परिमाला ने प्रेस कॉन्फ्रेस में कार्रवाई को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले के कुख्यात तस्कर कमल राणा और तस्कर विष्णुदास बैरागी व उनके सहयोगियों की करीब 12 करोड़ रुपए की संपत्तियों को फ्रीज करने की कार्रवाई की गई है। इसके तहत पीपलखूंट में राष्ट्रीय राजमार्ग 56 पर बने एक बहुमंजिला परिसर को फ्रीज किया गया। इसके साथ ही जीरण के खेत को भी फ्रीज किया गया।
इस दौरान जांच अधिकारी छोटीसादड़ी थाना प्रभारी दीपक बंजारा सहित चार थानों के पुलिस अधिकारी और जवान मौजूद रहे। पुलिस अधीक्षक अमितकुमार ने बताया कि गत माह डीजीपी उमेश मिश्रा के निर्देशन में राजस्थान पुलिस द्वारा कुख्यात तस्कर कमल राणा को महाराष्ट्र के शिरडी से गिरफ्तार किया था। उसके बाद उसे प्रतापगढ़ पुलिस के सुपुर्द किया गया। यहां जांच के दौरान सामने आया कि तस्कर कमल राणा ने मादक पदार्थों की तस्करी के जरिए की गई काली कमाई को अपने सहयोगियों के मार्फत कई स्थानों पर निवेश कर रखा था। इसी प्रकार प्रतापगढ़ पुलिस द्वारा वीरावली निवासी तस्कर विष्णुदास बैरागी और उसके दो बेटों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तीन कार, अवैध हथियार जब्त किए गए। इस कार्रवाई में भी पुलिस को तस्करी के द्वारा अर्जित की गई संपत्तियों के विषय में जानकारी मिली। इसे लेकर पुलिस टीम ने कंपीटेंट अथॉरिटी के आदेश के बाद तस्करों की और उनके सहयोगियों की संपत्तियों को फ्रीज करने की कार्रवाई की।
फ्रीङ्क्षजग, सीङ्क्षजग से बचाने के लिए षडय़ंत्र को किया ध्वस्त
पुलिस कार्रवाई के लिए गत दिनों से प्रक्रिया कर रही थी। विष्णुदास की अर्जित सम्पत्ति को बचाने के लिए गत दिनों षडय़ंत्र रचा जा रहा था। विष्णु ने अपने बहनोई सुनील बैरागी निवासी मोरवन थाना जावद जिला नीमच मध्यप्रदेश व सहयोगी प्रकाश पटेल निवासी पानी कोटड़ा जिला सलुम्बर हाल पीपलखूंट एवं गिरीश जैन निवासी घाटोल के सहयोग से अवैध सम्पति को फ्रीज की कार्रवाई से बचने के लिए षडय़ंत्र रचा गया।
इस कार्रवाई को भी पुलिस ने गत दिनों ध्वस्त करते हुए आरोपी सुनील वैरागी, प्रकाश पटेल, गिरीश जैन को गत दिनों में गिरफ्तार किया था।
डीजीपी उमेश मिश्रा ने एसपी अमित कुमार और पुलिस टीम को दी बधाई, मिलेंगे प्रशंसा पत्र
गत एक दशक में इस तरह की प्रदेश की पहली बड़ी कार्रवाई प्रतापगढ़ पुलिस ने की है। महानिदेशक पुलिस उमेश मिश्रा ने प्रतापगढ़ एसपी अमित कुमार एवं पूरी टीम को बधाई दी है। इसके साथ ही प्रशंसा पत्र देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में धारा 68 एफ एनडीपीएस एक्ट के तहत फ्रीङ्क्षजग की यह पहली बड़ी कार्रवाई की है। जिसमें कुख्यात तस्कर कमल राणा, कमलेश बैरागी व दो पुत्र शैलेंद्र बैरागी और विष्णु बैरागी की मादक पदार्थ तस्करी से अर्जित करीब 12 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति जब्त की गई है।
कमल राणा की साढ़े सात करोड़ की सम्पत्ति को किया फ्रीज
प्रतापगढ़ पुलिस ने कमलङ्क्षसह राणा पुत्र डूंगरङ्क्षसह राजपूत निवासी बंबोरी थाना रठांजना व सहयोगियों की कुल साढ़े सात करोड़ रुपए की सम्पत्ति फ्रीज की गई। पुलिस ने बताया कि कमल राणा ने अपनी पत्नी के नाम पर जिला सिरोही के ग्राम जावाल व तहसील बाली जिला पाली में तथा सहयोगी अजबाराम उर्फ तेजु देवासी के नाम पर प्लॉट खरीदे गए। जिस पर निर्मित मकान, क्रय की गई लक्जरी जीप एवं अन्य सहयोगियों के नाम पर मध्यप्रदेश के मन्दसौर शहर, जिला नीमच के ग्राम जीरण में कृषि भूमि खरीदी गई। उक्त सम्पति का चिन्हिकरण किया गया। जिसकी बाजार कीमत करीब 7 करोड़ 51 लाख रुपए पाई गई। इस सम्पत्ति को फ्रीज करने की कार्रवाई की गई।
विष्णुदास की चार करोड़ की सम्पत्ति को किया फ्रीज
पुलिस ने अरनोद थाना क्षेत्र के विरावली निवासी विष्णुदास उसके दो पुत्र कमलेश और शैलेन्द्र को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से 3 किलो अफीम, 2 पिस्टल, 3 जिन्दा कारतुस व 14 लाख 330 रुपए व एक, तीन लक्जरी कार, 5 मोटरसाइकिल बरामद की थी। अनुसंधान में सामने आया कि आरोपी गत कई वर्षों से तस्करी में लिप्त है। विगत 6 वर्ष मे गांव विरावली में स्थित बीड़ की जमीन पर मकान का निर्माण किया। पीपलखूंंट हाईवे पर एक प्लॉट खरीदकर तीन मंजिला कॉम्पलेक्स का निर्माण करवाया गया व वाहन खरीदे गए। इस प्रकार अर्जित चल/अचल सम्पति की वर्तमान बाजार कीमत करीब 4 करोड़ रुपए है। इन सभी पर पुलिस की फ्रीज करने की कार्रवाई की गई।
पहली कार्रवाई, तस्करी पर रोकथाम के लिए बड़ी कार्रवाई
&पुलिस द्वारा मध्यप्रदेश के जीरन, मंदसौर प्रदेश के बाली, पाली और प्रतापगढ़ के पीपलखूंट और वीरावली में तस्करों की 13 करोड़ से ज्यादा रुपए की संपत्ति को फ्रीज करने की कार्रवाई की गई। एसपी अमित कुमार ने बताया कि मादक पदार्थ तस्करी के काले कारोबार के जरिए कमाई गई संपत्ति को फ्रीज करने से तस्करों की कमर तोड़ी जा सकेगी। पुलिस द्वारा की जा रही इस कार्रवाई के बाद पूरे प्रदेश के तस्करों में खलबली मची हुई है। गौरतलब है कि तस्कर कमल राणा के तार प्रदेश के जालौर, बाड़मेर, सिरोही, जोधपुर, जैसलमेर सहित देश के विभिन्न राज्यों के तस्करों के साथ जुड़े हुए हैं। अमित कुमार, जिला पुलिस अधीक्षक, प्रतापगढ़