भाजयुमो द्वारा निकाली गई भ्रष्टाचार की बारात में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को दूल्हे के रूप में घोड़े पर बिठाया गया और और डेरवा के तौर पर महापौर एजाज ढेबर को दिखाया गया। इसके अलावा प्रदेश सरकार के मंत्रियों को अलग-अलग रूप में बाराती के रूप में दिखाया गया। बारात में शामिल कार्यकर्ता प्रदेश सरकार के मंत्रियों के मुखौटे पहनकर बैंड बाजे के साथ एक नाटक के रूप में जस्तम्भ चौक के शंकर नगर कवासी लखमा के घर जा रहे थे जिन्हें पुलिस प्रशासन द्वारा महतारी चौक के पास रोका गया। इस दौरान पुलिस के साथ झूमाझटकी हुई। रायपुर संभाग प्रभारी व प्रदेश उपाध्यक्ष रोहित माहेश्वरी ने बताया कि यह सरकार जनता के जेब में डाका डाल रही है और यह बारात जनता के बीच जाने का एक माध्यम है। भ्रष्टाचार की बारात पूरे नाट्यांश के रूप में मुखौटे और शराब के बोतलों के साथ निकली। शहर के सभी मुख्य चौक-चौराहों पर इस बारात के निमंत्रण पत्र बाँटे गए। प्रदेशभर में सोशल मीडिया पर भी भ्रष्टाचार की बारात का निमंत्रण पत्र खूब वायरल हुआ। राजधानीवासियों ने भी इस बारात में बढ़-चढ़कर भाग लेकर अपना भरपूर समर्थन दिया। बाद में विकास मित्तल ने बताया कि इस भ्रष्टाचार की बारात से जनता को बताया गया कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने बेखौफ शराब, कोल, रेत, जमीन, चावल, पीएससी आदि घोटालों को अंजडाम दिया जिसमें प्रदेश सरकार के कई अफसर, दलाल, नेता आज जेल में है। भूपेश सरकार ने अपने भ्रष्टाचार के कुशासन के ख़िलाफ़ अंत में महातारी माता के सामने कान पकड़ के माफ़ी माँगा। जनता का भी भरपूर सहयोग भाजयुमो की इस बारात को मिला। भाजयुमो इस सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ता जायेगा, आने वाले विधानसभा चुनाव में जनता ही इस भ्रष्ट सरकार को उखाड़ फेंकेगी।