रायपुर. वेतनमान सहित विभिन्न मांगों को लेकर 39 दिन से अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहीं प्रदेशभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका अब 4 मार्च को विधानसभा का घेराव करेंगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संयुक्त मंच के सरिता पाठक, रुक्मणी सज्जन, हेमा भारती ने बताया कि सरकार चार साल से हमें सिर्फ आश्वासन दे रही हैं। जिलों में सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका 23 जनवरी से हड़ताल पर है। इससे बच्चों व महिलाओं पर असर पड़ रहा है लेकिन जिम्मेदार ने हमारी सुध नहीं ली है।
यह है प्रमुख मांग: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका को शासकीय कर्मचारी घोषित किए जाने तक सरकार द्वारा अपने जनघोषणा पत्र में घोषित नर्सरी शिक्षक पर उन्नयन और कलेक्टर दर पर वेतन दिए जाए। कार्यकर्ता के रिक्त पद पर शत प्रतिशत व कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर पद पर शत प्रतिशत पदोन्नति दिया जाए। विभागीय सेवा भर्ती नियम में संशोधन किया जाए। आंगनबाडी कार्यकर्ताओं को प्राइमरी स्कूलों में प्रायमरी शिक्षक का दर्जा व वेतन दिया जाए। मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के बराबर समान काम का समान वेतन दिया जाए। फ्रेश कार्यकर्ताओं को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद पर समाहित किया जाए। कार्यकर्ता को 5 लाख रुपए व सहायिका को 3 लाख रुपए रिटायरमेंट के बाद एकमुश्त राशि दिया जाए। मासिक पेंशन, ग्रेच्युटी, व समूह बीमा योजना लागू किया जाए। प्रदेश स्तर में आंगनबाडी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों को भरा जाए। पोषण ट्रैक और अन्य कार्य के लिए जब तक मोबाइल, नेट रिचार्ज नहीं दिया जाता, तब तक मोबाइल पर कार्य का दबाव न दिया जाए।