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VIDEO : टूटी थी गर्दन की हड्डी, आत्मविश्वास ने दिलाई अपंगता से जीत
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VIDEO : टूटी थी गर्दन की हड्डी, आत्मविश्वास ने दिलाई अपंगता से जीत

एक साल में 10 फीसदी हुआ सक्षम

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राजसमंद. कहते हैं ‘मन के हारे-हार है, मन के जीते-जीतÓ अर्थात अगर आपने मन से हार मान ली तो कोई आपको जीत नहीं दिला सकता, और मन में जीत की संकल्पना कर ली तो दुनिया की कोई ताकत आपको हरा नहीं सकती। ऐसे ही आत्मविश्वास की मिशाल है प्रतीक जैन। कांकरोली निवासी प्रतीक १ वर्ष पूर्व मुंबई रहकर इंजीनियरिंग कर रहा था तभी एक दिन तैराकी के लिए वह तरणताल में कूदा तो उसकी गर्दन की हड्डी टूट गई। जब वह होश में आया तो उसकी सिर्फ आंखे ही काम कर रही थी, पूरा शरीर अक्षम हो गया था, वह खुद का शरीर ही नहीं देख पा रहा था। मतलब वह पूरी तहर से अपंगता का शिकार हो चुका था। चिकित्सकों ने उसे ८० फीसदी अपंग बताकर यह कहा था कि अब शायद वह कभी अपने पैरों पर नहीं चल सकेगा। लेकिन आत्मविश्वास से भरे प्रतीक ने हार नहीं मानी और आज वह ९० फीसदी फिट हो चुका है। माता प्रमिला, पिता विनोद जैन का कहना है कि वह बचपन से ही आत्मविश्वास से भरा रहा है। वह बताते हैं घटना के बाद हम तो टूट ही गए थे, इसके हाथ, पैर कुछ भी नहीं हिलते थे। लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी।

फिर शुरू किया तैरना…

प्रतीक की फिजियोथैरपी कर रहे डॉ. यशपाल राजपुरोहित ने बताया कि प्रतीक में गजब का अत्मविश्वास है, जिसके दम पर उसने इतनी जल्दी कवर कर लिया। जिस तरणताल ने उसके शरीर को बेजान बना दिया था आज वह फिर से तरणताल में जाकर और तैराकी कर रहा है, जो उसके आत्मविश्वास का एक और उदाहरण है।