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पत्रिका और ज्ञानवीर विश्वविद्यालय द्वारा 700 मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान
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पत्रिका और ज्ञानवीर विश्वविद्यालय द्वारा 700 मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान

हाथ में जीत की ट्रॉफी। पत्रिका का प्रशस्ति पत्र और चेहरे पर सम्मान की चमक। मेधावी बेटे एवं बेटियों की प्रतिभा का सम्मान हुआ तो परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं था। सब इस यादगार पल को मोबाइल में कैद करने की होड में लगे थे।

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Reshu Jain

Jul 18, 2024

प्रतिभा सम्मान समारोह का हुआ आयोजन

सागर. हाथ में जीत की ट्रॉफी। पत्रिका का प्रशस्ति पत्र और चेहरे पर सम्मान की चमक। मेधावी बेटे एवं बेटियों की प्रतिभा का सम्मान हुआ तो परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं था। सब इस यादगार पल को मोबाइल में कैद करने की होड में लगे थे। कई सेल्फी लेकर खुशी बटोर रहे थे। वही ठसाठस भरा सभागार तालियों से गूंजता रहा। मौका था रॉयल पैलेस (किला कोठी) में पत्रिका और ज्ञानवीर विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह। कार्यक्रम का आयोजन बुधवार को किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत में मुख्यअतिथि सांसद लता वानखेड़े, कार्यक्रम अध्यक्ष विवि के कुलाधिपति आदित्य सिंह राजपूत एवं विशिष्ट अतिथि पत्रिका के संपादक प्रवेंद्र तोमर एवं कुलपति प्रो. आरके द्विवेदी ने दीपप्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरूआत की। इस अवसर पर पूरे संभाग से 60 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले बारहवीं कक्षा के होनहार विद्यार्थियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में सागर जिले के साथ पूरे संभाग के 700 विद्यार्थियों को ट्रॉफी, प्रशस्ति पत्र और बैग देकर सम्मानित किया।

आपके कीर्तिमान को मिल रहा सम्मान : लता वानखेडे

मुख्यअतिथि सांसद लता वानखेडे ने मेधावी विद्यार्थियों का हौसला बुलंद किया। उन्होंने कहा कि आपकी प्रतिभा का आज सम्मान हो रहा है। आपने कीर्तिमान गढ़ा है यही वजह है कि आज आप सम्मान लेने के पात्र हुए हैं। उन्होंने कहा कि आपका यह सम्मान आपके गुरु और माता-पिता की भी मेहनत का परिणाम है। आप युवा हमारे देश का भविष्य हैं। उन्होंने कहा कि कक्षा बारहवीं के बाद आपकी जिंदगी का अहम पढ़ाव शुरू हो रहा है। इस नए सफर में मानव संवेदना मत खोना। मानव संवेदनाआें के बगैर यह जीवन बेकार है। उन्होंने कहा कि पत्रिका और ज्ञानवीर विश्वविद्यालय का प्रयास सराहनीय है। आज पूरे संभाग से छात्र-छात्राएं इस परिसर में मौजूद है।

बुंदेलखंड के विकास के लिए देखा शिक्षा का सपना : आदित्य सिंह

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे ज्ञानवीर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति आदित्य सिंह राजपूत ने कहा कि 25 वर्ष पहले पिता मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बुंदेलखंड के विकास के लिए शिक्षा का सपना देखा था। 25 वर्ष पहले सिर्फ एक कॉलेज से शुरुआत हुई थी और अब बुंदेलखंड में आधुनिक शिक्षा देना वाला ज्ञानवीर विश्वविद्यालय है। यहां शिक्षा के साथ रोजगार देने के लिए आधुनिक कोर्स शुरू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सौर ऊर्जा का सबसे अधिक महत्व बढ़ेगा। हमने सोलर पैनल से संबंधित तकनीकी कोर्स किए हैं। छात्र-छात्राओं के लिए कई रोजगार परक कोर्स संचालित किए जा रहे हैं।

68 वर्षों पहले हुई थी पत्रिका की शुरुआत

संपादक प्रवेंद्र तोमर ने कहा कि पत्रिका की शुरुआत 68 वर्षों पहले राजस्थान से हुई थी। पत्रिका हमेशा अपने पाठकों के हित की बात पर कार्य करता है। आज देशभर में पत्रिका 1 करोड़ 40 पाठक हैं। अब आप विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। स्कूल और कॉलेजों में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से पढ़ाई हो रही है। ज्ञानवीर विवि में भी कई आधुनिक कोर्स चलाए जा रहे हैं।

उत्साह इतना 1 घंटे पहले पहुंचे विद्यार्थियों

कार्यक्रम में विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बन रहा है। बीना, सुरखी, खुरई, देवरी, रहली सहित अन्य जिलों के विद्यार्थी सुबह 11 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए। यहां विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया। कई विद्यार्थी अपने अभिभावकों के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।

12वीं के बाद कॅरियर बनाने मिला मार्गदर्शन

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए काउंसलिंग की भी व्यवस्था की गई। विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में कॅरियर बनाने मार्गदर्शन मिला। मंच पर शिक्षिका रितु दुबे ने विद्यार्थियों की काउंसलिंग की और कौशल शिक्षा पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि बारहवीं के बाद अब किन कोर्स से रोजगार परक शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं।

सम्मान पाने लगी लंबी कतार

कार्यक्रम में 700 विद्यार्थियों का सम्मान हुआ। सम्मान पाने के लिए मेधावी विद्यार्थियों की कतारें लग गई। मंच पर बारी-बारी से 10 विद्यार्थियों को बुलाकर सम्मानित किया गया।

इनका रहा सहयोग

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्राचार्य डॉ. महेश शुक्ला, निदेशक डॉ. विनोद सिंह तोमर, डॉ. पुष्पा खरे, डॉ. किरण गुप्ता, डॉ. आकाश दुबे, प्रांजल खरे, नीतेश प्रजापति, दिनेश दुबे, प्रखर तिवारी, शेखर पाठक, राजेंद्र विश्वकर्मा, मनोज दुबे, डॉ. अरविंद यादव, संदीप जैन, रामरत्न यादव सहित समस्त स्टॉफ का सहयोग रहा। कार्यक्रम संचालन रूपम बुंदेला ने किया। आभार विश्वविद्यालय के कुलसचिव मनीष जैन ने माना।