सागर. बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के लेबर रूम में गुरुवार की शाम एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगाने के बाद एक महिला वेंटीलेटर पर पहुंच गई। प्रसूता की हालात बिगडऩे पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। विवाद इतना बढ़ गया कि परिजन और डॉक्टर्स के बीच मारपीट तक हो गई। देखते ही देखते दोनों तरफ के लोगों की भीड़ जमा हो गई और भगदड़ की स्थिति बन गई। सूचना पर शहर के कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची, किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया, लेकिन देर रात तक बीएमसी परिसर में गहमा-गहमी का माहौल बना रहा। प्रसूता 9 तारीख से बीएमसी में भर्ती थी, ऑपरेशन के बाद उसके टांके पक गए थे।परिजनों का आरोप एक साथ लगाए 3-4 इंजेक्शन-रजाखेड़ी मकरोनिया निवासी 25 वर्षीय सुमन पटेल को ऑपरेशन के जरिए बेटी हुई थी। उसे बीएमसी के वार्ड क्रमांक 6 में भर्ती कराया गया था। पति अमित पटेल ने बताया कि प्रसव के बाद जब 4 टांके पके तो वह पत्नी को निजी अस्पताल ले जाना चाह रहे थे लेकिन लेबर रूम प्रभारी शीला जैन ने छुट्टी नहीं की। मरहम-पट्टी में लापरवाही बरती और संक्रमण बढ़ गया। गुरुवार की शाम डॉक्टर ने एक साथ 3-4 इंजेक्शन लगाए। सुमन को घबराहट हुई और वह गंभीर अवस्था में पहुंच गई।परिजनों ने कांच फोड़े, मेडिकल छात्रों पर मारपीट का आरोप-परिजनों का कहना था कि सुमन की मौत हो गई है और वह वेंटीलेटर पर सुमन के पास जाना चाह रहे थे लेकिन स्टाफ उन्हें मना कर रहा था। परिजनों के अन्य रिश्तेदार भी बीएमसी पहुंच गए और लेबर रूम के दरवाजे का कांच फोड़ दिया। वहीं प्रसूता के परिजन संदीप पटेल ने बताया कि बीएमसी हॉस्टल से 100 से अधिक छात्रों ने उनके सभी रिश्तेदारों के साथ मारपीट की।सीएसपी सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची-सूचना पर गोपालगंज सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। सीएसपी यश बिजौरिया ने स्थिति संभालते हुए परिजनों और डॉक्टर्स को समझाया। पुलिस ने कहा कि वह दोनों पक्षों की बात सुनेगी लेकिन मरीज की जान बचाना प्राथमिकता रखें। बीएमसी के अंदर व बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।लापरवाही से रोज 4 से 5 मरीजों के टांके पक रहे-बीएमसी के लेबर रूम सहित हड्डी व सर्जरी विभाग में लापरवाही के कारण रोज 4-5 मरीजों के टांके पक रहे हैं। ऑपरेशन के बाद मरीजों की केयर व ड्रेसिंग में लापरवाही की जाती है। परिजनों की मानें तो बीएमसी के ऑपरेशन थियेटर व वार्डों में संक्रमण को लेकर सजगता नहीं बरती जाती है और इसका असर मरीजों पर पड़ रहा है।-14 दिन पहले उसकी डिलीवरी हुई थी, जांचें भी आज सब कुछ सामान्य थीं, शाम को अचानक महिला को घबराहट हुई और उसकी तबीयत बिगड़ गई, इसमें डॉक्टर्स की लापरवाही नहीं है, हमारे डॉक्टर्स ने किसी भी परिजन के साथ मारपीट नहीं की।डॉ. राजेश जैन, बीएमसी अधीक्षक।-डॉक्टर्स की लापरवाही तो नहीं दिख रही है, ब्लड क्लोटिंग से मरीज के कार्डियक अरेस्ट में जाने की आशंका है। मरीज को कौन सा इंजेक्शन लगा उसकी जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।डॉ. पीएस ठाकुर, डीन बीएमसी।