सिवनी. जिला अस्पताल की व्यवस्था बेलगाम हो गई है। अस्पताल प्रशासन इस पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रहा है। नतीजा जिलेभर के हजारों मरीज व उनके तीमारदार परेशान हो रहे हैं। जिला अस्पताल में सुबह की ओपीडी में समय से नहीं पहुंचने वाले चिकित्साधिकारी शाम की ओपीडी को भगवान भरोसे छोड़ दे रहे हैं। यह स्थिति कलेक्टर क्षितिज सिंघल के वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. टीआर वान्द्रे व डॉ. दीपक अग्निहोत्री को नोटिस जारी किए जाने के बाद भी बनी हुई है।
जिला अस्पताल में सुबह नौ से दो बजे और सांय पांच से छह बजे तक ओपीडी चलती है। सायं पांच से छह बजे तक के ओपीडी की हालत सुबह से भी अधिक खराब है। 5.15 बजे से यहां चिकित्साधिकारी ओपीडी में मरीजों को देखने का कार्य शुरू करते हैं। खास है कि एनसीडी क्लिनिक जहां बीपी, इसीजी आदि की जांच के साथ कैंसर से पीडि़त मरीज पहुंचते हैं उसका ताला शाम को खुलता ही नहीं है। ‘पत्रिकाÓ के कैमरे में मंगलवार को कुछ ऐसी तस्वीर कैद होने के बाद यह बात कही जा रही है।
सामान्य ओपीडी में 5.10 बजे तक ताला लटका हुआ था। ओपीडी में कोई चिकित्साधिकारी नहीं पहुंचा था। इसके बाद एक महिला व पुरुष चिकित्साधिकारी पहुंचे और 5.15 बजे के बाद उपचार शुरू किया। इसके पूर्व चिकित्साधिकारी की राह देखते मरीज बाहर बैठे नजर आए। महिला ओपीडी का ताला 5.15 बजे खुला।
यहां महिला चिकित्साधिकारी 5.25 बजे पहुंची और उपचार शुरू किया। महिला मरीज चिकित्साधिकारी का इंतजार करती नजर आई। एनसीडी क्लिनिक के बाहर 10 मरीज बैठे नजर आए। इसका ताला 5.30 बजे तक नहीं खुला था।
इंतजार के बाद जब कोई नहीं पहुंचा तो मरीजों व उनके तीमारदारों ने सीएम हेल्पलाइन 181 व कलेक्टर क्षितिज सिंघल को कॉल कर शिकायत किए। वे सिविल सर्जन से शिकायत करने उनके कार्यालय तक गए, लेकिन वहां केवल भृत्य के होने से शिकायत नहीं कर पाए। कलेक्टर को कॉल कर शिकायत करने वाले मरीज ने बताया कि जांच कराए जाने का आश्वासन मिला है।
शाम को पांच से छह बजे तक ओपीडी में नहीं पहुंचने वाले चिकित्साधिकारी व कर्मचारी को नोटिस जारी किया जाएगा। सभी सख्त चेतावनी दी जाएगी। इसके बाद भी यदि कोई नहीं सुधरा तो कठोर कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा।
– डॉ. पी. सूर्या, आरएमओ जिला अस्पताल सिवनी