सिवनी. स्थाईकर्मी, सुरक्षा श्रमिकों एवं अंशकालीन कर्मचारियों ने गुरुवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर रैली निकाली और प्रदर्शन किया। इसके बाद अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए कलेक्टर क्षितिज सिंघल व वनवृत्त सिवनी कार्यालय एवं पेंच टाइगर रिजर्व कार्यालय पहुंचकर संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
सुरक्षा श्रमिकों ने कहा कि वनवृत्त सिवनी व पेंच के जंगल में वर्ष 2000 से कार्यरत हैं। श्रम विभाग से निर्धारित न्यूनतम कलेक्टर दर पर मासिक मानदेय मिलता है। इस पर ही हमलोग परिवार से दूर अन्यत्र स्थानों (जंगल) पर दिन-रात रहकर जान को जोखिम में डालकर वन एवं वन्यप्राणियों की सुरक्षा करते हैं।
ज्ञापन की कंडिका क्रमांक 1 (8) के अनुसार 16 मई 2007 एवं 01 सितम्बर 2016 में कार्यरत पात्र दैनिक वेतन भोगी, सुरक्षा श्रमिकों को ज्ञापन की कंडिका क्रमांक 4 के अनुसार कार्यरत स्थाईकर्मी के पद पर विनियमित योजना से वंचित रखा गया है।
पेंच टाईगर रिजर्व में कार्यरत सुरक्षा श्रमिकों को उच्च न्यायालय में दर्ज याचिका ्रक्रमांक- डब्ल्यू. पी.- 9523/2021 में उच्च न्यायालय की ओर से 31.07.2021 को पारित निर्णय अनुसार कार्यरत सुरक्षा श्रमिकों को दैनिक वेतनभोगी मानते हुए स्थाईकर्मी के पद पर विनियमित किया जाकर उक्त योजना का लाभ दिए जाने की मांग किया है।
जन जाति कार्य विभाग में वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने भी इस योजना का लाभ दिए जाने की मांग किया है।
पेंच अधिकारी व कर्मचारी पर लग चुके हैं आरोप
बताया जा रहा है कि सुरक्षा श्रमिकों के बल पर ही वन व वन्यप्राणियों की सुरक्षा है। बीते कुछ वर्ष पूर्व पेंच टाइगर रिजर्व के तीन कर्मचारियों पर जंगल से लकड़ी की तस्करी सरकारी वाहन से किए जाने के आरोप लगे थे। तत्कालीन डिप्टी डायरेक्टर केके गुरवानी ने इसकी विभागीय जांच भी शुरू कराई थी।
एक वनरक्षक को लोकायुक्त की टीम ने रिश्वत लेते हुए ट्रेप किया था। अधिकारियों पर सामानों की खरीदी अधिक कीमत पर किए जाने के भी आरोप लगे थे। इसके बावजूद श्रमिक इन सब आरोपों से दूर रहकर वन व वन्यप्राणियों की सुरक्षा जान जोखिम में डालकर कर रहे हैं।