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कृमि नाशक दवा खाने से बीमार हुए निजी स्कूल के बच्चे
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कृमि नाशक दवा खाने से बीमार हुए निजी स्कूल के बच्चे

एक दर्जन से अधिक बच्चों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में कराया गया भर्ती

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सीधी। स्वास्थ विभाग द्वारा चलाए जा राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस के तहत 10 सितंबर को शासकीय शैक्षणिक शालाओं में 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को कृमि नाशक दवा एलबेंडाजोल दवा खिलाई गई थी। बुधवार 11 सितंबर को अभियान के तहत निजी शैक्षणिक संस्थाओं में स्वास्थ व आंगनबाड़ी अमले के सहयोग से दवा का सेवन कराया गया। इस दौरान गांधीग्राम बरमबाबा में संचालित कमला पब्लिक स्कूल एक दर्जन से अधिक बच्चे दवा खाने के बाद बीमार हो गए। किसी के पेट में दर्द तो किसी को चक्कर आ रहे थे। आनन-फानन में स्कूल प्रबंधन द्वारा बीमार बच्चों को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया, जहां बीमार बच्चों का उपचार जारी है।

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को शासकीय माडल हायर सेकंडरी स्कूल के करीब तीन दर्जन से अधिक बच्चे कृमि नाशक दवा एलबेंडाजोल खाने से बीमार हो गये थे, उन्हें भी इसी तरह की समस्या हो रही थी, जिन्हें आनन-फानन में उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उपचार के बाद उनके स्वास्थम में सुधार हो गया है।

ये बच्चे हुए बीमार-
कमला पब्लिक स्कूल में अध्ययनरत गांधीग्राम, शिवपुरवा, बरमबाबा, कोठार, खजुरी, कुकुड़ीझर भाटा तथा तेगवा गांव के एक दर्जन बच्चे बीमार हुए, जिनका जिला अस्पताल में उपचार जारी है। भर्ती बच्चों में अनीता सिंह, आभा यादव, प्रेमवती साहू, अभिषेक गोस्वामी, साक्षी साकेत, अनुराधा तिवारी, रोशन पांडेय, अंजू गुप्ता, पूर्णिमा गुप्ता, रोहित सिंह, लक्ष्मी विश्वकर्मा, मधु पनिका, प्रिया विश्वकर्मा आदि शामिल हैं। चिकित्सकों द्वारा बच्चों के स्वास्थ में सुधार बताया गया है।

जांच के लिए एसडीएम ने तहसीलदार के नेतृत्व में गठित किया दल-
राष्ट्रीय कृमि नाशक दिवस पर मंगलवार 10 सितंबर को शासकीय मॉडल हायर सेकंडरी स्कूल खजुरी में कृमि नाशक दवा एलबेंडाजोल के सेवन से 45 बच्चों के बीमार होने के मामले में एसडीएम गोपद बनास निलेश शर्मा द्वारा जांच समिति का गठन किया गया है। तहसीलदार गोपद बनास जान्हवी शुक्ला के नेतृत्व में गठित जांच दल में विकासखंड चिकित्सा अधिकारी सेमरिया डॉ.आरके वर्मा तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी मझौली बीडी कोल शामिल हैं। एसडीएम द्वारा जांच समिति को निर्देशित किया गया है कि कृमिनाशक दवा दिए जाने पर बच्चों की तबियत खराब होने के लिए कौन सी परिस्थितियां थी। घटना कारित होने के संबंध में लापरवाही निर्धारण, किन अधिकारियों कर्मचारियों की वजह से घटना हुई तथा भविष्य में इस तरह की घटना न हो इसके संबंध में ङ्क्षबदुवार जांच कर अभिमत प्रस्तुत करें।