
सीधी। जनपद पंचायत सीधी अंतर्गत ग्राम पंचायत कुुकुड़ीझर के डेढ़ हजार हरिजन आदिवासी परिवार सडक़ की समस्या से जूझ रहे हैं। बस्ती तक पहुंच मार्ग नहीं है, जिससे बारिश के मौसम में आवागमन पूरी तरह से बंद हो जाता है। छोटे-छोट स्कूली बच्चों सहित बीमार लोगों को कंधे
में बिठाकर मुख्य मार्ग तक लाना पड़ता है। पहुंच मार्ग की समस्या से जूझ रहे हरिजन आदिवासी परिवार बीते चार वर्ष से पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के पास गुहार लगा रहे हैं। पहुंच मार्ग के बीच में जहां जिसकी जमीन थी, उनके द्वारा त्यजन भी करा दी गई, इसके बावजूद प्रशासन द्वारा सडक़ का निर्माण नहीं कराया जा रहा है।
मंगलवार को दो दर्जन से अधिक लोग ग्राम पंचायत के सरपंच बृजेंद्र साकेत के नेतृत्व में जनसुनवाई में शिकायत लेकर पहुंचे। प्रभावित ग्रामीणों ने बताया, बस्ती तक पहुंच मार्ग के लिए करीब एक किमी सडक़ की आवश्यकता है, जिसकी मांग बीते करीब चार साल से कर रहे हैं। बताया, सडक़ निर्माण के लिए आवश्यक जमीन में से करीब 70 प्रतिशत भूमि हम लोगों की थी, जिसका सभी के द्वारा त्यजन करा दिया गया है, अब करीब 30 प्रतिशत ही निजी भूमि शेष बची है, जिसका प्रशासन द्वारा अधिग्रहण कर पहुंच मार्ग का निर्माण कराया जा सकता है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया जनसुनवाई में कलेक्टर को आवेदन देकर पहुंच मार्ग निर्माण कराये जाने की मांग की गई है, उनके द्वारा आश्वासन दिया गया है कि पहुंच मार्ग निर्माण के लिए आवश्यक प्रयास किये जाएंगे।
वर्जन-
कुकुड़ीझर की हरिजन बस्ती के लिए पहुंच मार्ग नहीं है, वहां डेढ़ से दो सैकड़ा घर हैं। दो हजार से अधिक की आबादी है। लोग आवागमन के लिए परेशान हैं। बीते चार से पहुंच मार्ग निर्माण की माग को लेकर दौड़ लगाई जा रही है। लेकिन अभी तक कोई सार्थक नतीजा नहीं निकला है। आज फिर कलेक्टर को आवेदन दिया गया है, उन्होंने पहुंच मार्ग निर्माण कराये जाने का आश्वासन दिया है।
बृजेंद्र साकेत, सरपंच ग्राम पंचायत कुकुड़ीझर