
सीधी। जनपद पंचायत रामपुर नैकिन अंतर्गत ग्राम पंचायत भितरी में संचालित गौ शाला में लगातार गौ वंश की मौत एवं गौ वंश का शव बगल से प्रवाहित होने वाली नदी व आस फेंके जाने का सोशल मीडिया में विरोध शुरू हो गया है। वीडियो वायरल होने एवं विरोध के बाद प्रशासन ने संज्ञान लिया तथा प्रशासनिक टीम सोमवार को मौके पर पहुंची, जहां नदी से शव निकलवाने के साथ ही आस-पास पड़े शव को जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर दफनवाया गया। जिला पंचायत सीईओ एवं प्रभारी अपर कलेक्टर अंशुमन राज ने पूरे मामले की जांच के निर्देश भी दिये हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि गौ शाला संचालन की जिम्मेदारी प्रशासनिक तौर पर अभी तक किसी को नहीं सौंपी गई है, अनाधिकृत तौर पर गौ शाला का संचालन किया जा रहा था, जहां गौ वंश को चारा-भूसा नहीं दिये जाने से उनकी लगातार मौत हो रही थी। मौत के बाद गौ वंश के शव को नदी व गौ शाला के आस-पास फेंका जा रहा था। गौ वंश के शव के साथ किये जा रहे क्रूरता का वीडियो सोशल मीडिया में डालकर विरोध शुरू कर दिया गया था।
प्रारंभिक जांच में मिले ये तथ्य-
सोशल मीडिया में विरोध के बाद एसडीएम चुरहट शैलेष द्विवेदी द्वारा प्रबंधक एसआरएलएम आजीविका मिषन रामपुर नैकिन एवं पंचायत समन्वय अधिकारी ग्राम पंचायत भितरी को जांच के लिए निर्देशित किया। सोमवार की सुबह मौके पर पहुंचे निरीक्षण अधिकारियों ने पाया, सार्वजनिक गौ शाला में गेट मरम्मत सहित अन्य कार्य अधूरा होने के कारण गौ शाला का विधिवत संचालन नहीं हो रहा था। सरपंच ग्राम पंचायत द्वारा किसानों के फसल के नुकशानी के दृष्टिगत वैकल्पिक एवं तत्कालिक व्यवस्था के रूप में ग्रामीण जनों की मांग पर विचरण कर रहे गौ वंशों को रखने के लिए पशुपति नाथ सोसायटी कंधवार को सौंपा गया था। गौ शाला के संचालन के लिए प्राथमिकता के क्रम में स्थानीय स्व सहायता समूह व ग्राम पंचायत को सौंपा जाना था, किंतु निर्माण पूर्ण नहीं होने से खंड स्तर से गौ शाला संचालन का दायित्व अभी किसी को नहीं सौंपा गया था। और न ही उन्हें कोई निर्देश दिये गए थे। गौ शाला के बगल से प्रवाहित होने वाली नदी जल प्रपात के निरीक्षण पर टीम ने पाया वहां पहले से तीन गौवंश मृत अवस्था में पड़े थे, तथा दो का शव पानी में था, जिनको टीम की उपस्थिति में ग्राम पंचायत द्वारा जेसीबी से गड्ढे में दफनवाया गया। टीम द्वारा प्रतिवेदन में सार्वजनिक गौ शाला का शेष कार्य पूरा कर गा्रम पंचायत के स्थानीय समूह को प्राथमिकता के आधार पर अनुबंध निस्पादित कर संचालन का दायित्व सौंपे जाने की बात कही गई है।
गौशालाओं के सतत निरीक्षण व मॉनिटरिंग के लिए गठित की जाएगी टीम-
गौ शालाओं में लगातार हो रही गौ वंशो की मौत के संबंध में सीईओ जिला पंचायत व प्रभारी अपर कलेक्टर अंशुमन राज ने कहा, यह चिंता का विषय है। इसलिए गौ शालाओं में व्यवस्थाओं दुरूस्त रखने, गौ वंशों के नियमित उपचार सुविधा मुहैया करने के लिए एक टीम गठित की जाएगी, जिसमें पुश चिकित्सक भी शामिल रहेंगे। टीम द्वारा गौशालाओं का सतत निरीक्षण किया जाएगा और व्यवस्थाएं दुरूस्त कराई जाएंगी। बीमार गौ वंश का समुचित उपचार होगा। इसके साथ ही गौ शाला संचालित करने वाले समूहों को बेहतर संचालन के लिए प्रशिक्षण का भी आयोजन किया जाएगा।
जांच के दिये गए हैं निर्देश-
भितरी गौ शाला में मृत गौ वंश के संबंध में जांच के निर्देश दिये गए हैं। प्रारंभिक तौर पर यह बात सामने आई है कि आवारा गौवंश को भगाते समय कुछ गौ वंश जल प्रपात में गिर गए थे, जिससे उनकी मौत हो गई। कुछ मृत गौ वंश गौशाला के आस-पास भी पाए गए हैं, जिन्हें गड्ढा खुदवाकर दफना दिया गया है। गौ शाला का जो संचालन कर रहे थे, उन्हें अभी जिम्मेदारी नहीं दी गई थी, उनकी ओर से केवल गौ शाला संचालन का आवेदन आया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
अंशुमन राज, सीईओ जिला पंचायत सीधी