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श्री गंगानगर

शहरी जल योजना में अव्यवस्थाओं को लेकर नागरिकों का प्रदर्शन

एक तरफ सरकार प्रत्येक घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने के लिए करोड़ों रुपए जल योजनाओं के जीर्णाेद्धार पर खर्च कर रही है। दूसरी ओर सादुलशहर की जल योजना उपेक्षा का दंश दशकों से झेल रही है। जल योजना की डिग्गियों की सफाई हुए वर्षों बीत चुके हैं।

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सादुलशहर (श्रीगंगानगर). एक तरफ सरकार प्रत्येक घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने के लिए करोड़ों रुपए जल योजनाओं के जीर्णाेद्धार पर खर्च कर रही है। दूसरी ओर सादुलशहर की जल योजना उपेक्षा का दंश दशकों से झेल रही है। जल योजना की डिग्गियों की सफाई हुए वर्षों बीत चुके हैं। शहर का जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग नहरी पानी के साथ बोरवेल का पानी आपूर्ति कर जन स्वास्थ्य के साथ लगातार खिलवाड़ कर रहा है। बोरवेल का पानी घरों में आपूर्ति होने से बीमारियां फैल रही हैं। सादुलशहर की जल योजना में व्याप्त अव्यवस्थाओं में सुधार की मांग को लेकर बड़ी संख्या में कस्बावासियों ने मंगलवार को विभाग कार्यालय के समक्ष नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप खीचड़ के नेतृत्व में रोष प्रदर्शन किया व नारेबाजी की।
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——–जल योजना की अव्यवस्था में सुधार की मांग
ज्ञापन में कहा गया है कि शहर की जल योजना में लम्बे समय से जारी अव्यवस्थाओं का सामना शहरवासी कर रहे हैं। विभाग की ओर से लगातार पीने के पानी के साथ बोरवेल का खारा पानी घरों में आपूर्ति किया जा रहा है। इस पानी की वजह से हैजा, उल्टी, दस्त, हड्डियों सम्बंधी व पेट की गंभीर बीमारियां फैल रही हैं। जल योजना की डिग्गियों की सफाई लम्बे समय से नहीं हुई है व अपशिष्ट आदि से अटी हुई हैं। ज्ञापन में चेतावनी दी है कि नहर में पानी आने के बाद भी बोरवेल का पानी घरों में आपूर्ति किया गया तो उक्त समास्याओं के समाधान तक विभाग कार्यालय के समक्ष लगातार धरना लगाकर प्रदर्शन किया जाएगा।
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—प्रदर्शन में ये रहे शामिल—
जलदाय विभाग के समक्ष प्रदर्शन करने वालों में जागरूक नागरिक रामअवतार यादव, साहबराम खीचड़, मोहनलाल सहारण, पृथ्वपीराज शर्मा, महेन्द्र भाखर, महेन्द्र शर्मा, चंचल सिंघल, सुनील सोनी, आदराम मूंड, डॉ. पूर्ण सिंह, समरवीर बिश्रोई, गुरचरण सिंह बराड़, घनश्याम वाल्मीकि, सुखमन्द्र सिंह काका, अमनदीप सिंह गद्दरखेड़ा, सुनील खीचड़, हनुमान नागर, बलजीत सिंह, पारस बाघला, बृजलाल चौहान, विनोद भादू, आयुष खीचड़ सहित बड़ी संख्या में नागरिक शामिल थे।