
श्रीगंगानगर. जिले में पिछले तीन दिनों से पश्चिमी विक्षोभ के कारण कहीं हल्की तो कहीं पर तेज बारिश हुई है, जिससे किसानों के चेहरे खिल गए हैं। वहीं शनिवार अल सुबह इलाके में धुंध और ओस की बूंदें गिरने से खेतों में खड़ी गेहूं की फसलों को जीवनदान मिल गया है। सिंचाई का पानी नहीं मिलने से किसान परेशान थे। जानकारों के मुताबिक, यह बारिश रबी फसलों, विशेषकर गेहूं और जौ के लिए अमृत साबित साबित होगी। उल्लेखनीय है कि श्रीगंगानगर खंड में गेहूं,जौ, चना,सरसों एवं सब्जियों 12 लाख 35 हजार 476 हेक्टेयर में रबी की फसलें है। बारिश से अब रबी की फसलें लहलहा रही हैं। कृषि विभाग के अनुसार श्रीगंगानगर, अनूपगढ़ और हनुमानगढ़ जिले में कुल 4 लाख 22 हजार 776 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की फसल है। इस बारिश से न केवल फसलों को जल उपलब्धता की पूर्ति होगी,साथ ही रबी फसलों की गुणवत्ता और उत्पादकता भी बढ़ेगी। इधर, संयुक्त निदेशक (कृषि) डा. सतीश कुमार शर्मा ने बताया कि श्रीगंगानगर जिले में गेहूं और जौ की फसल के लिए अमृत साबित होगी। बारिश के चलते गेहूं व जौ की फसलों में दाना पकाव की स्थिति में बेहतर हो गई है। इस समय रबी फसलों को सिंचाई पानी की मांग बनी हुई थी और अब हल्की बारिश से एक सिंचाई पानी की बारी का काम करेंगी। इससे रबी फसलों की बढ़वार होगी तथा फसलों की गुणवत्ता और उत्पादकता में भी इजाफा होगा।