ईरान सरकार ने 26 साल के इरफान सुल्तानी (Irfan Soltani) को फांसी देने का फैसला किया है, जिन्हें 8 जनवरी को ही गिरफ्तार किया गया था। सुल्तानी पर ‘मोहारेब’ यानी ‘ईश्वर के दुश्मन’ होने का आरोप लगा है। ईरान के कानून के आर्टिकल 190 के तहत ‘मोहारेब’ की सज़ा बहुत सख्त है। इसमें मौत की सज़ा, फांसी, दाहिना हाथ और बायां पैर काटना या फिर हमेशा के लिए आंतरिक निर्वासन (देश के अंदर ही किसी दूर इलाके में भेज देना) शामिल है। इरफान कपड़ा इंडस्ट्री में काम करते थे और हाल ही में उन्होंने एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी शुरू की थी। उनके दोस्त और परिवार के सदस्य बताते हैं कि सुल्तानी को फैशन में गहरी रुचि है। एक मानवाधिकार संगठन ने कहा कि उनका एकमात्र अपराध ‘आजादी के लिए नारा लगाना’ है। सुल्तानी के इंस्टाग्राम अकाउंट से पता चलता है कि वे बॉडी बिल्डिंग और खेलकूद के शौकीन हैं और अब तक एक शांत और साधारण जिंदगी जीते आए हैं। बताया जा रहा है कि सुल्तानी को उनकी गिरफ्तारी से पहले ही सुरक्षा एजेंसियों से धमकी भरे मैसेज मिल रहे थे। सुल्तानी के परिवार को करीब पांच दिन पहले उनकी फांसी की जानकारी दी गई थी। फांसी से पहले उन्हें सुबह अपने परिवार से सिर्फ 10 मिनट मिलने की इजाजत दी जाएगी। हालांकि सुल्तानी को फांसी हुई या नहीं। इस बारे में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।