एक कीड़े की वजह से रुक गईं दर्जनों ट्रेनें, जानें 12 हज़ार यात्रियों के साथ क्या हुआ

एक कीड़े की वजह से रुक गईं दर्जनों ट्रेनें, जानें 12 हज़ार यात्रियों के साथ क्या हुआ

Priya Singh | Updated: 24 Jun 2019, 11:27:29 AM (IST) अजब गजब

  • जापान में एक कीड़े की वजह से रोकनी पड़ी कई ट्रेनें
  • कीड़े (Slug) ने खराब कर दी रेलवे इलेक्ट्रिक डिवाइसेज
  • रेल सेवा कंपनी ने मांगी माफी

नई दिल्ली। समय के पाबंद जापान ( japan ) से एक ऐसी खबर आई है जो हैरान कर देने वाली है। इस देश का रिकॉर्ड रहा है कि यहां कभी पब्लिक ट्रांसपोर्ट ( public transport ) लेट नहीं होते। मेट्रो ( metro ) से लेकर बस तक सब समय पर चलती हैं लेकिन बीते दिन यहां करीब दर्जनभर ट्रेनें लेट हो गईं। इनके लेट होने की वजह एक कीड़ा था। जापान में रेल सेवा का प्रबंधन करने वाली कंपनी कयीशू रेलवे के अधिकारियों ने एक मीडिया एजेंसी को जानकारी दी कि बिजली के सप्लाई के फेल होने की वजह से उन्हें 26 ट्रेनों को रोकना पड़ा। असल में एक कीड़े ( Slug ) के कारण रेल लाइन में जा रही बिजली में शॉर्ट सर्किट ( Short circuit ) हो गया जिसके बाद पूरी रेल लाइन की बिजली गुल हो गई। खबर के मुताबिक, इन ट्रेनों के लेट से चलने की वजह से करीब 12 हज़ार यात्रियों को अपनी मंज़िल तक पहुंचने में बहुत देरी हुई।

railway chaos in japan

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, कीड़े ने रेलवे ट्रैक पर बनी इलेक्ट्रिक डिवाइसेज को काफी नुक्सान पहुंचाया था। ट्रैक पर मौजूद इलेक्ट्रिक डिवाइसेज को ठीक करने में काफी समय लग गया जिससे यात्री समय पर अपनी मंज़िल तक नहीं पहुंच सके। जापान की रेल सेवा कंपनी कयीशू ने इस लापरवाही का ज़िम्मेदार कीड़े के साथ कर्मचारियों को भी ठहराया है। कंपनी के अधिकारी ने आश्वासन दिया है कि आगे वे इन सब बातों को ध्यान रखेंगे।

समय के पाबंद जापानी

जापान के लोग समय के बहुत पाबंद होते हैं। वे अपने द्वारा किए गए हर काम का पूरा हिसाब रखते हैं। समय की पाबंदी उनकी कोई मजबूरी नहीं है बल्कि जन्‍म से ही इन्‍हें समय की अहमियत बताई जाती है। वे कोई काम ना ही जल्दी करते हैं ना ही देर से। साल 2017 में हुई एक घटना इस बात का सबूत है। जापान की एक ट्रेन के जल्दी रवाना होने से ट्रेन प्रबंधन के अधिकारियों को काफी शर्मिंदगी महसूस हुई थी। उन्होंने अपनी वेबसाइट पर माफी मांगी थी। ट्रेन प्रबंधन को इस बात का डर था कि कहीं किसी यात्री की ट्रेन छूट न जाए लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

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