26 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

डाॅक्टर्स ने दी थी अबाॅर्शन की सलाह, नहीं मानी महिला आैर दे दिया बच्चे को जन्म, फिर हुआ एेसा…

ब्रिटेन में एक मां ने एक ऐसे बच्चे को जन्म दिया, जिसका वजन महज 3500 ग्राम ही थी। यह बच्चा एक कोल्ड्रिंक की बोतल के बराबर था।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Vinay Saxena

•

Updated: 3 Sep 2018, 1:43 PM IST

omg

डाॅक्टर्स ने दी थी अबाॅर्शन की सलाह, नहीं मानी महिला आैर दे दिया बच्चे को जन्म, फिर हुआ एेसा...

नई दिल्ली: ब्रिटेन में एक मां ने एक ऐसे बच्चे को जन्म दिया, जिसका वजन महज 3500 ग्राम ही थी। यह बच्चा एक कोल्ड्रिंक की बोतल के बराबर था। ऐसा बताया गया कि यह ब्रिटेन का अब तक का सबसे छोटा बच्चा था। बता दें, जब डॉक्टरों ने महिला की सोनोग्राफी देखी थी तभी इस बात को बता दिया था और दंपति को यह भी कह दिया कि वो बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद नहीं कर सकते।

गर्भ में रुक गया था बच्चे का विकास

दरअसल, महिला को प्रेग्नेंसी के कुछ ही हफ्तों बाद ही गर्भ में बच्चे का विकास रुक गया था। गर्भनाल से जरूरी पोषक तत्व बच्चे के शरीर में नहीं पहुंच रहे थे। इसी वजह से बच्चा छोटा ही रह गया था। डॉक्टर्स के मुताबिक, महिला ने प्रेग्नेंसी के दौरान किसी तरह की लापरवाही की थी, जो बच्चे पर भारी पड़ी। डॉक्टर्स ने कहा ये खानपान में किसी कमी या परहेज ना करने का नतीजा भी हो सकता है।

अबाॅर्शन के लिए पूछते थे डाॅक्टर


महिला ने बताया कि जब भी वह टेस्ट के लिए डॉक्टर के पास जाती थी तो उन्हें यही कहा जाता था कि बच्चे को बचा पाना मुश्किल है। इसके बाद अबॉर्शन के लिए कहा जाता था, लेकिन मैं मेरे बच्चे को किसी भी हाल में जन्म देना चाहती थी।

बच्चे को देखकर डाॅक्टर भी थे हैरान


बता दें, डॉक्टरों ने सर्जरी कर 26 हफ्ते के प्रीमेच्योर बच्चे को बाहर निकाला। डॉक्टर्स का कहना है कि वह बच्चे के जन्म के बाद वह खुद भी हैरान थे, क्योंकि पहले उन्हें लगा था कि बच्चा कम से कम 500 ग्राम का होगा, लेकिन उसका वजन 350 ग्राम ही निकला। इसके बाद उसे तुरंत लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रख दिया।

पिता ने कहा- हथेली के बराबर था बच्चा


अपने बच्चे को देख पिता भी बेहद हैरान थे। उनका कहना था कि बच्चे को देखकर उन्हें खुद पर भरोसा नहीं हो रहा था। वह उनकी हथेली के बराबर था। हमें जन्म के बाद सिर्फ उसकी हथेली छूने दी गई। वहीं, बच्चे की मां का कहना है कि इतना नाजुक होने के बावजूद वो जिंदगी से हारा नहीं। वो लड़ता रहा। जन्म के बाद बच्चे को 6 महीने तक हॉस्पिटल में स्पेशल केयर में रखा गया, जिसके बाद पहली बार टेलर दंपति अपने बच्चे को घर ले जा पाए।

बड़ी खबरें

View All

अजब गजब

ट्रेंडिंग