8 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दो हिस्सों में बंटा समुद्र! बाढ़ के बाद धरती मां ने दिखाया अनोखा नज़ारा

यह पर्यटकों को भले ही आकर्षित कर रहा हो। लेकिन यहां की पुलिस ने सुरक्षा के मद्दे नज़र लोगों को यहां से दूर रहने की हिदायत दी है।

2 min read
Google source verification
kerala flood picture of newly formed sandbed

दो हिस्सों में बंटा समुद्र! बाढ़ के बाद धरती मां ने दिखाया अनोखा नज़ारा

नई दिल्ली। केरल की खौफनाक बाढ़ के बाद यहां के प्रभावित इलाके के दौरे में राहत बचाव के कर्मियों को प्रकृति का एक अद्भुत नज़ारा देखने को मिला। जैसा की आप जानते हैं कि, पिछले महीने केरल राज्य को प्रभावित करने वाले जलप्रलय ने इसे कई तरीकों से प्रभावित किया है। मलप्पुरम के उत्तरी जिले में पोन्नानी बीच में, बाढ़ के बाद समुद्र में एक सैंडबेड बन गया जो देखने में अनोखा था। यह सैंडबेड पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मानों धरती के कोई कलाकारी कर दी हो। बता कि यह सैंडबेड, समुद्र में लगभग एक किलोमीटर फैला हुआ है। यह पर्यटकों को भले ही आकर्षित कर रहा हो। लेकिन यहां की पुलिस ने सुरक्षा के मद्दे नज़र लोगों को यहां से दूर रहने की हिदायत दी है। बता दें कि, बाढ़ में आई मिट्टी के बाद यह सैंडबेड बना है।

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, केरल के पोन्नानी समुद्री तट पर एक अनोखा दृश्य देखने को मिला है, जिसकी तस्वीरें और विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इनमें आप समंदर के बीचों-बीच रेत का एक टीला देख सकते हैं। इसे देखने के लिए लोग भारी संख्या में पहुंच रहे हैं। लेकिन यहां जाना जान को जोखिम में डालने का काम है। समुद्र में बना यह रेत का टीला केरल पुलिस के लिए मुसीबत लेकर आया है। क्योंकि यह टीला समुद्र के बीचों बीच है, जहां टाइड कभी ज्यादा, तो कम होती है। ऐसे में अचानक आई हाई टाइड में कोई व्यक्ति बह भी सकता है। यही कारण है कि स्थानीय पुलिस लोगों को यहां आने से रोक रही है। बता दें कि, सन 1996 में ऐसा ही सैंडबेड देखा गया था। यहां पर्यटकों का जमावड़ा लगने के बाद, अधिकारियों ने अब लोगों को चेतावनी देना शुरू कर दिया है कि वे सैंडबेड पर न चलें। बता दें कि, 2009 में 4 दोस्तों के ग्रुप ने ऐसे ही एक सैंडबेड पर मौज मस्ती करने का प्लान बनाया लेकिन ज्वार आने के बाद वे डूबकर मर गए थे। ज्यादातर पर्यटक मलप्पुरम से ही आ रहे हैं, हालांकि कन्नूर के पड़ोसी जिलों से भी कुछ यहां आ रहे हैं।