
स्वर्ग के इस झरने में समां गई थी पूरी बारात, आज तक नहीं मिला एक भी सुराग
नई दिल्ली। यूं तो देश में कई ऐसे खजाने हैं जो आज तक राज बने हुए है। धन के ऐसे ही भंडार में एक नाम है ‘ज्ञानी चोर की बावड़ी’। ये रोहतक के पास महम नामक जगह में स्थित है। इस किले का निर्माण मुगलकाल में किया गया था।
ये बावड़ी कई रहस्यों से भरी हुई है। बताया जाता है कि इसमें अरबों का खजाना मौजूद है, लेकिन आज तक इसे हाथ लगाने की हिम्मत किसी में नहीं हुई। क्योंकि माना जाता है कि जो भी इस बावड़ी में जाता है, वो गायब हो जाता है। इससे जुड़े एक किस्से के तहत अंग्रेजों के समय में एक बारात बावड़ी में बने सुरंगों के रास्ते दिल्ली जा रहे थे। तभी वे अचानक गायब हो गए। कई दिन बीतने के बावजूद उनका कुछ पता नहीं चल सका।
इसका नाम ‘ज्ञानी चोर की बावड़ी’ पड़ने के पीछे भी एक दिलचस्प कहानी है। बताया जाता है कि एक ज्ञानी चोर पुलिस से बचने के लिए बावड़ी में खजाने को छुपाकर गायब हो जाता था। उसका पता कोई नहीं लगा पाता था। माना जाता है कि उस चोर ने इतना धन इक्कट्ठा कर लिया कि अब वो अरबों के खजाने में तब्दील हो गया है।
इस बावड़ी को स्वर्ग का झरना भी कहा जाता है। इसकी वजह यह है कि यहां जो भी एक बार जाता है। वो वापस लौटकर नहीं आता है। लोगों का मानना है कि बावड़ी में जाने वाला सीधे स्वर्ग पहुंच जाता है। ये रास्ता देव लोक को जाता है।
बावड़ी में एक कुआं है, यहां पहुंचने के लिए करीब 101 सीढिय़ां उतरनी पड़ती है। वर्तमान में ये जर्जर हालत में है। इसकी दीवारे टूट रही हैं। जिसके चलते कुएं के पानी में ईटें और पत्थर तैरते हुए दिखते हैं।
Updated on:
09 Feb 2019 11:17 am
Published on:
09 Feb 2019 11:01 am

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