
आठ महीने से कब्र में बंद युवक ऐसे फरिश्ता बनकर लौट आया घर, लोगों को नहीं हो रहा भरोसा
नई दिल्ली। जिंदगी कब किसको कौन सा रंग दिखाएगी कोई नहीं जानता है। कभी राजा को रंक तो कभी रंक को राजा बना देती है। ऐसे ही स्थिति से हीरानगर में एक परिवार को सामना करना पड़ा है। जहां अपने बेटे को करीब आठ महीने पहले खो चुके परिवार ने अपनी आखों के सामने पाया। परिवार ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उसका आठ महीने पहले मर चुका बेटा वापस से लौट आएगा।
दरअसल, आठ महीने पहले हीरानगर में ट्रेन से कटकर मारे गए जिस युवक को परिजन ने अपना मानकर उसे सुपुर्द ए खाक कर दिया था, वह अचानक जिंदा लौट आया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर ट्रेन हादसे का शिकार युवक जिसे परिजनों ने अपना मानकर दफना दिया था आखिर वो कौन था।
बेटे के जिंदा लौट आने से परिवार में जहां खुशी का माहौल है वहीं रेलवे और स्थानीय पुलिस कर्मियों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। फिलहाल जिला आयुक्त राहुल यादव के निर्देश पर डॉक्टरों की टीम ने शव को कब्र से बाहर निकाला है और उसके नमूने लेकर डीएनए टेस्ट के लिए एफएसएल की टीम के पास भेज दिया है। अब रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा कि आखिर मृत युवक कौन है। वहीं पुलिस डीएनए टेस्ट इसलिए भी करा रही है कि अगर भविष्य में कोई कोई इस बॉडी को क्लेम करता है तो उसे बॉडी को सौंपा जा सकेगा।
जानकारी के अनुसार रेलवे पुलिस ने हीरानगर रेलवे ट्रैक पर नौ मार्च को एक अज्ञात शव देखा। जिसके बाद पुलिस ने शव को स्थानीय अस्पताल में गुमशुदा लोगों की शिनाख्त के लिए रखवा दिया था। इसके बाद मेंढर तहसील निवासी एक परिवार ने शव की पहचान अपने बेटे मुजमिल के रूप में की थी। लेकिन अब आठ महीने बाद मुजमिल घर लौट आया। मुजमिल ने बताया कि वह काम के सिलसिले में बाहर चला गया था जिस कारण से परिवार के सदस्यों से संपर्क नहीं कर पाया था।
Published on:
19 Nov 2018 04:25 pm
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