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इस मंदिर में दिन दहाड़े हुआ चमत्कार! लोगों को नहीं हो रहा अपनी आंखों पर यकीन

जब अबू सिम्बेल के विशाल मंदिर का गर्भ गृह सूर्य की किरणों से रौशन हो उठा। कुछ देर के लिए फराओ रैमसेस द्वितीय की पाषाण प्रतिमा भी जगमगा उठी।

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miracle in abu simbel temple

इस मंदिर में दिन दहाड़े हुआ चमत्कार! लोगों को नहीं हो रहा अपनी आंखों पर यकीन

नई दिल्ली। मिस्र में इस साल दूसरी बार सोमवार को सौर-संरेखण की दुर्लभ घटना देखने को मिली, जब अबू सिम्बेल के विशाल मंदिर का गर्भ गृह सूर्य की किरणों से रौशन हो उठा। कुछ देर के लिए फराओ रैमसेस द्वितीय की पाषाण प्रतिमा भी जगमगा उठी। सैकड़ों पर्यटकों ने इस अदभुत नजारे को देखा। समाचार एजेंसी 'एफे' के अनुसार, इससे पहले करीब 3,000 साल बाद राजा की जयंती पर 22 फरवरी को यह दृश्य देखने को मिला था। उसके बाद 22 अक्टूबर को उनके राजतिलक की सालगिरह पर यह नजारा प्रस्तुत हुआ है। यही नहीं, सोमवार को नील नदी के पश्चिमी तट पर इंजीनियरिंग के अत्याधुनिक साहसिक कार्य के पूरा होने की भी 50वीं साल गिरह थी। 1960 के दशक में पूरे अबू सिमबेल मंदिर और 20 मीटर ऊंची इसकी विशालय बाह्य प्रतिमाओं को ऊंचे स्थान पर ले जाया गया, ताकि नवनिर्मित अस्वान बांध के किनारे बढ़ते जल स्तर में वे जलमग्न न हों।

जानकारी के लिए बता दें कि, अबू सिम्बल वह प्राचीन स्मारक है जिसे युनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल घोषित किया हुआ है यह नाइबिया मंदिर के लिए प्रसिध्द है लेकिन असबान बाँध के निर्माण के कारण यह मंदिर नष्ट हो गया था। बाद में युनेस्को ने 36 मिलियन की राशि से से इस का पुननिर्माण कराया तथा 1968 इस्वी में यह पुन: दर्शको के लिए खोल दिया गया था।