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दिन के इसी एक घंटे में होती हैं सबसे ज्यादा मौतें! ऐसा सच आया सामने उड़ जाएगी आपकी नीद

मौत पर काबू नहीं किया जा सकता लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक रिसर्च में पाया गया है कि, दुनिया में ज्यादातर लोग तीसरे पहर यानि सुबह के तीन से चार बजे के बीच इस दुनिया को छोड़कर चले गए।
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नई दिल्ली

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Priya Singh

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Updated: 17 Nov 2018, 2:58 PM IST

people think that 3 am to 4 am is the scary hour

दिन के इसी एक घंटे में होती हैं सबसे ज्यादा मौतें! ऐसा सच आया सामने उड़ जाएगी आपकी नीद

नई दिल्ली। साइंस के पास हमारे हर सवाल का जवाब होता है। वैसे तो मौत पर काबू नहीं किया जा सकता लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक रिसर्च में पाया गया है कि, दुनिया में ज्यादातर लोग तीसरे पहर यानि सुबह के तीन से चार बजे के बीच इस दुनिया को छोड़कर चले गए। इस लिहाज से साइंस भी एक पहर को मौत के लिए परफेक्ट समय मानता है। इसके पीछे शोधकर्ताओं ने या तर्क दिया है कि इस दौरान इंसान का शरीर सबसे ज्यादा कमज़ोर होता है। इस बात को लेकर कई रिसर्च किए गए लेकिन सबका यही जवाब निकला और सबने इस पहर को खतरनाक घोषित भी किया है। रिसर्च के मुताबिक इस समय की सबसे ज्यादा मौतें अस्थमा अटैक की दर्ज की गईं हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, दिन के वक्त के मुताबिक तड़के सुबह के 3 से 4 के बीच अस्थमा के अटैक की संभावना 300 गुना ज्यादा हो जाती है। इसके पीछे की वजह यह है कि, एड्रेनेलिन और एंटी-इंफ्लेमेटरी हार्मोंस का उत्सर्जन शरीर में बहुत घट जाता है, जिससे शरीर में श्वसनतंत्र बहुत ज्यादा सिकुड़ जाता है यह भी एक वजह है कि सवेरे 4 बजे सबसे ज्यादा लोगों की मौतें होती हैं। एक रिसर्च यह भी साबित किया गया है कि, 14 फीसदी लोगों अपने जन्मदिन के दिन ही मरते हैं। बता दें कि इस रिसर्च में एक और बात सामने आई है जिसमें डॉक्टरों ने एक और बात का ज़िक्र किया है, उनका मानना है कि, सुबह के समय कोर्टिसोल हार्मोन का स्त्राव तेजी से होता है जिसकी वजह से खून में थक्के जमने और अटैक पड़ने का खतरा ज्यादा होता है।

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