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वैज्ञानिकों के हाथ लगा 73 हजार साल पुराना ऐसा पत्थर, फिर जांच में सामने आया ऐसा सच..दंग रह जाएंगे आप

ब्लॉम्बोस गुफा दक्षिण अफ्रीका की राजधानी केपटाउन से 200 मील पूर्व दिशा में स्थित है।
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Sunil Chaurasia

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Updated: 16 Sep 2018, 12:09 PM IST

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वैज्ञानिकों के हाथ लगा 73 हजार साल पुराना ये पत्थर, फिर जांच में सामने आया ऐसा सच..दंग रह जाएंगे आप

नई दिल्ली। हमेशा नई चीज़ों और रहस्यों की तलाश में दुनिया के कोने-कोने में भटकते वैज्ञानिकों को ऐसी नायाब चीज़ मिली है, जिसके बारे में पढ़ने के बाद आपके होश उड़ जाएंगे। जाने-माने पुरातत्व वैज्ञानिक क्रिस्टोफर हेन्शिलवुड इस समय नॉर्वे की यूनिवर्सिटी ऑफ बेर्गन के लिए काम करते हैं। अपनी नई खोज के लिए हेन्शिलवुड ने इस बार दक्षिण अफ्रीका को चुना। हेन्शिलवुड को दक्षिण अफ्रीका के दक्षिणी तट के पास स्थित ब्लॉम्बोस गुफा में एक ऐसा पत्थर मिला, जिसे काफी शानदार तरीके से रेखाचित्रों से सजा गया था। हेन्शिलवुड की मानें तो इस अजीबो-गरीब पत्थर पर एक-दूसरे को काटती हुई कुल 9 रेखाएं हैं।

पत्थर पर उभरी ये रेखाएं हूबहू आज के डिजिटल युग के हैशटेग की तरह नज़र आ रही है। आपको जानकर हैरानी होगी कि ब्लॉम्बोस गुफा में मिला यह पत्थर करीब 73 हजार साल पुराना है। जी हां, ये हम नहीं बल्कि खुद इसे ढूंढ निकालने वाले पुरातत्वविदों का मानना है। इतना ही नहीं पत्थर पर काम कर रहे वैज्ञानिक इस पर उभरी रेखाचित्रों को चित्रकला के पहले सैंपल के रूप में देख रहे हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि 73 हजार साल पुराने इस पत्थर पर उभरी इन रेखाचित्रों करीब 30 हजार साल पहले मानवों द्वारा बनाई गई हो सकती हैं। ब्लॉम्बोस गुफा दक्षिण अफ्रीका की राजधानी केपटाउन से 200 मील पूर्व दिशा में स्थित है।

विश्व की सबसे प्रसिद्ध वैज्ञानिक पत्रिकाओं में से एक 'जर्नल नेचर' में छपी इस पूरे अध्ययन में क्रिस्टोफर हेन्शिलवुड के हवाले से लिखा गया है कि ‘इन टेढ़ी-मेढ़ी रेखाओं को देखकर ऐसा लग रहा है कि असल पैटर्न आकार में बड़ा होगा और उसे बड़े भाग पर बनाया गया होगा।’ रेखाचित्र को बनाए जाने की प्रक्रिया के बारे में कहा गया है कि निश्चित तौर पर इसकी विधि उस समय काफी कठिन रही होगी। हेन्शिलवुड के मुताबिक इस रेखाचित्र को बिना किसी जांच के तुरंत कला नहीं कहा जा सकता। हज़ारों साल पहले बनाए गए इस रेखाचित्र के पीछे कोई न कोई मतलब ज़रूर रहा होगा।

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