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अनोखी जगह जहां हज़ारों किलोमीटर तक पसरा रहता है सन्नाटा, न सड़क न हवा का रास्ता

South Africa Island: दुनिया में एक ऐसी जगह है, जहां पहुंचने के बाद आपको सिर्फ शांति और सुकून का अनुभव होगा। क्योंकि वहां से आने-जाने के लिए आपको सोचना पड़ जाएगा। आपको बता दें कि यह जगह दक्षिण अटलांटिक सागर में है।

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अक्सर लोग सोचते हैं कि काश कोई ऐसी जगह होती जहां सिर्फ और सिर्फ शांति हो। न कोई शोर न किसी तरह की परेशानी सिर्फ सुकून हो। हालांकि ऐसी सन्नाटे वाली जगह पर इंसान ज्यादा समय तक रह भी नहीं सकता और चाहता है कि उसे जब शांति चाहिए हो तो वह उस जगह पर चला जाए और जब मन करे तो वहां से वापस भी आ जाए। आज हम आपको एक ऐसी ही जगह के बारे में बताएंगे, जहां सिर्फ शांति है। इस जगह पर आप तब जा सकते हैं, जब आपका दिल पूरी तरह से दौड़भाग से थक गया हो और आपको सुकून चाहिए हो।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया में एक ऐसी जगह है, जहां पहुंचने के बाद आपको सिर्फ शांति और सुकून का अनुभव होगा। क्योंकि वहां से आने-जाने के लिए आपको सोचना पड़ जाएगा। आपको बता दें कि यह जगह दक्षिण अटलांटिक सागर में है। यहां बना आईलैंड जिसका नाम त्रिस्तां दा कुन्हा (Tristan da Cunha) है। यह दक्षिण अफ्रीका से 2700 किलोमीटर और दक्षिण अमेरिका से 3800 किलोमीटर की दूरी पर है।

त्रिस्तां दा कुन्हा आईलैंड से 2100 किलोमीटर तक कुछ भी नहीं है। इसके बाद सेंट हेलेना नाम का एक और ब्रिटिश द्वीप है, जहां स्थाई तौर पर लोग रहते हैं। Tristan da Cunha कुल 11 किलोमीटर के एरिया में बसा हुआ है, जिसमें 234 ब्रिटिश नागरिक रहते हैं। आइलैंड की वेबसाइट बताती है इसे सेवेन सीज़ का एडिनबर्ग कहा जाता है। यहां आने के लिए आइलैंड काउंसिल का एप्रूवल ज़रूरी है। यहां पहुंचने के लिए कोई हवाई या सड़क मार्ग नहीं है। ऐसे में आपको केपटाउन से नाव के ज़रिये यहां आना होगा।

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बता दें कि त्रिस्तां दा कुन्हा को पहली बार साल 1506 में त्रिस्ताओ दा कुन्हा नाम के पुर्तगाली यात्री ने ढूंढा था। उन्हीं के नाम पर इस द्वीप का नाम रखा गया। यहां पहली बार परमानेंट रहने के लिए 1810 में जोनाथन लैंबर्ट नाम का शख्स आया था, जो लोगों के साथ यहां रहने लगा। 1816 में ये द्वीप ब्रिटेन के कब्ज़े में आ गया। यहां यूके का ही पोस्टकोड चलता है, ताकि सामान आसानी से लाया-ले जाया जा सके।

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