सीमा विवाद विश्व में झगड़े की प्रमुख वजह है, लेकिन यूरोपीय शहर बार्ले इस मामले में सौभाग्यशाली है। शहर का भौगोलिक विभाजन बड़ा दिलचस्प है। आधा शहर नीदरलैंड में तो आधा बेल्जियम में। सडक़ें, बाग, संग्रहालय, रेस्त्रां ही नहीं घरों के बीच से भी यह सीमा रेखा गुजरती है। यानी कई घरों का आधा हिस्सा बेल्जियम तो आधा नीदरलैंड में है। मजेदार बात यह है कि इस विभाजन के बावजूद यह शहर खुश है, क्योंकि यह लकीर यहां के पर्यटन का भी प्रमुख हिस्सा है। सैलानी दो देशों के बीच बंटे घर, गली और सडक़ को देखने आते हैं और फोटो खिंचवाते हैं। लाल ईंटों के घर व साफ-सुथरी सडक़ों वाले शहर की बात अनोखी है। यहां एक देश में कुर्सी पर बैठकर दूसरे देश में टीवी देख सकते हैं या हर कदम सीमाओं को लांघते हुए चल सकते हैं। बेल्जियम वाले हिस्से को बार्ले हेरटोग और नीदरलैंड वाले को बार्ले नासायु के नाम से जाना जाता है।