अमेनोरिया यानी किसी कारण के पीरियड्स मिसिंग हो जाना, मासिक धर्म समय पर नहीं आना, यह चिंताजनक है। लेकिन अभी जिस तरह के मामले आ रहे हैं वह बेहद गंभीर विषय है। यह है प्राइमरी अमेनोरिया।
अमेनोरिया यानी किसी कारण के पीरियड्स मिसिंग हो जाना, मासिक धर्म समय पर नहीं आना, यह चिंताजनक है। लेकिन अभी जिस तरह के मामले आ रहे हैं वह बेहद गंभीर विषय है। यह है प्राइमरी अमेनोरिया। स्त्री रोग विशेषज्ञ, डॉ. राखी आर्य के अनुसार शोरियों में 16 वर्ष की उम्र तक पीरियड्स शुरू न होना। सामान्यत: 12-13 वर्ष की आयु तक पीरियड्स शुरू हो जाते हैं। यह कोई रोग नहीं है, इसे एक स्वास्थ्य समस्या की तरह लें।
कारणों को समझें
हार्मोन असंतुलन - किशोरावस्था में हार्मोन असंतुलन के लिए थायरॉइड और पिट्यूटरी ग्रन्थि भी जिम्मेदार हो सकती है। क्योंकि हाइपरथायरॉइडिज्म और हाइपोथाइरॉडिज्म या पिट्यूटरी ग्रन्थि में जटिलता जैसी स्थितियां हार्मोन असंतुलन का कारण बनती है।
जननांगों में विकृति - कई बार जननांग में किसी तरह की विकृति होने पर भी किशोरियों में पीरियड्स 12-13 वर्ष तक की उम्र तक नहीं आ पाते।
जेनेटिक असामान्यताएं - जेनेटिक कारण भी प्राइमरी अमेनोरिया की वजह बनते हैं। जरूरी है कि उन्हें समय पर समझकर कर डॉक्टरी परामर्श लें।
निदान : जेनेटिक टेस्टिंग और हार्मोन परीक्षण के जरिए इसके कारणों का पता लगाया जाता है।
इलाज : पिट्यूटरी ग्रंथि विकार है तो दवाएं देते हैं व यदि जननांगों में विकृति है तो सर्जरी होती है।
ध्यान रखने योग्य बातें
अक्सर देखा जा रहा है कि बिटिया की उम्र 11-12 वर्ष हुई और पीरियड्स शुरू नहीं हुए तो माताएं इस बात से अधिक पैनिक हो जाती हैं। परेशान न हों, 14 वर्ष तक यदि पीरियड्स न आएं तो डॉक्टर को दिखाएं। अपनी बिटिया के न्यूट्रिशन और फिजिकल एक्टिविटीज का पूरा ध्यान रखें।