
motivation
पुरानी आदतों को बदलना आसान नहीं है खासकर गलतियों के लिए खुद को कोसने जैसी आदतों को बदलना बहुत ही मुश्किल है। लेकिन समय और समर्पण के साथ कोशिश से इसे आसानी से बदला जा सकता है।
जीवन में गलतियां हम सब से होती हैं और गलत फैसले भी। गलती करना मानवीय स्वभाव है। आप अपने गलत फैसलों या गलत चुनाव से किस तरह निपटती हैं, यह भविष्य को लेकर आपकी सोच को परिभाषित करता है। अपने गलत फैसलों के लिए खुद को दोषी समझते रहना और उन्हें भूल कर आगे न बढ़ पाना आपकी एक और गलती होगी। इससे आपके जीवन में एक ठहराव आ जाएगा और आपको कामयाबी कभी नहीं मिल पाएगी। फिर यह भी तो कहा जाता है कि गलती जिंदगी का सबसे बड़ा सबक है, जिसे सुधार कर सब कुछ बदला जा सकता है। जानिए आप गलतियों से कैसे बच सकती हैं।
परिस्थिति का आकलन करें
अपने चुनाव पर एक पैनी नजर डालें और सबसे पहले यह विचार करें कि आपने यह फैसला क्यों लिया था। इसके बाद सोचें कि इसे सुधारा कैसे जा सकता है या इस अनुभव से क्या सीखा जा सकता है। अगर इसके लिए आपको सिर्फ अपने अहम को दूर करते हुए माफी मांगने की जरूरत हो तो सोचिए मत। यदि स्थिति को बदलने के लिए इससे ज्यादा कोशिश करने की जरूरत हो तो उसे करने का संकल्प लीजिए। अगर आपको लगता है कि इसे ठीक करना संभव ही नहीं है तो आगे बढ़ जाना ही उचित होगा।
पूरी घटना को एक परिदृश्य में रखें
गलत चुनाव के लिए खुद को दोष देने से रोकने के लिए पूरी घटना को एक परिदृश्य के रूप में रखिए। अगर आप इस पूरी घटना को स्पष्ट नहीं देख पाती हैं और यह नहीं समझ पाती हैं कि गलती कहां हुई तो किसी की मदद ले सकती हैं। इसके लिए इन सवालों के जवाब सामने रखें-
- मेरे कार्य का अंजाम क्या होगा
- इससे कौन प्रभावित होगा
- अब मुझे क्या समझने की जरूरत है
- क्या मैं खुद इस स्थिति को संभाल सकती हूं या किसी की मदद लेनी होगी।
अपनी सोच को बदलें
अपनी गलतियों से सबक लेना और उन्हें सकारात्मक अनुभव में तब्दील करने का एकमात्र रास्ता है अपनी सोच को बदलना। लेकिन ऐसा कर पाना एक रात में संभव नहीं है। सोचने के पुराने तरीके को बदलने के लिए आपको कुछ अभ्यास करना होगा। बुरे नतीजों पर फोकस करने से बेहतर होगा यह सोचना कि आप चीजों को सही कैसे बना सकती हैं और फिर उस पर अमल करना।
सीखें और आगे बढ़ें
लगातार खुद को दोषी करार देते रहने से न ही आप कुछ सीख सकती हैं, न ही कुछ हासिल कर सकती है। ऐसे में बेहतर होगा कि आप अपनी गलती से सीखें और एक सकारात्मक राह पर आगे बढऩे का प्रण लें। पुरानी आदतों को बदलना आसान नहीं है खासकर गलतियों के लिए खुद को कोसने जैसी आदतों को बदलना। लेकिन समय और समर्पण के साथ इसे आसानी से बदला जा सकता है।
अपना व्यवहार बदलें
अगर आपने अपना व्यवहार अभी नहीं बदला तो आप आगे नहीं बढ़ सकतीं। इस तरह अगली बार गलत चुनाव करने के लिए मजबूर होने जैसे स्थिति में फंसने पर आप मजबूत आवाज में पूरे विश्वास के साथ न कहने में समर्थ होंगी और आपको मालूम होगा कि आप सही कर रही हैं।
Published on:
30 Nov 2017 09:25 am
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