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ऐसे संभालें अपने मूड स्विंग्स

क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि एक पल को तो आप बहुत खुश होते हैं, तो अगले ही पल बेहद उदास हो जाते हैं।

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Amanpreet Kaur

Mar 08, 2018

mood swings

mood swings

मूड स्विंग का कोई निश्चित कारण नहीं होता है। इसके लिए हॉर्मोनल असंतुलन के अलावा मानसिक विकार जैसी समस्या भी जिम्मेदार हो सकती है।
कभी खुश, कभी दुखी तो कुछ ही समय बाद बेचैन। मूड स्विंग भावनाओं का एक रोलरकोस्टर की तरह होते हैं लेकिन इस पर सवार व्यक्ति के लिए यह राइड मजेदार तो कतई नहीं होती। वह हमेशा अलग-अलग भावनाओं के बीच एक पेंड्यूलम की तरह झूलता रहता है। क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि एक पल को तो आप बहुत खुश होते हैं, तो अगले ही पल बेहद उदास हो जाते हैं। अगर ऐसा है तो यह खबर आपके बहुत काम की है।

अस्पष्ट और अस्थिर मूड
इस स्थिति में आपका मूड पल-पल बदलता है। दरअसल खून में कोर्टीसोल नामक स्ट्रेस हार्मोन के ज्यादा होने पर आपका मूड बुरी तरह प्रभावित होता है। खराब लाइफस्टाइल , डिप्रेशन भी इसके कारण हैं।
ऐसे ठीक होगा : सक्रिय रहना और नींद पूरी लेना, कैफीन से दूरी आसान उपाय हैं।

उदासीनता भरा मूड

इसका कारण थाइरॉइड में असंतुलन हो सकता। नींद में गड़बड़ी, वजन का कम या ज्यादा होना, कमजोर पाचन और खराब मूड जैसे लक्षण देखने को मिल सकते हैं। अगर आपके परिवार में ऑटोइम्यून रोग का इतिहास रहा हो तो डॉक्टर को दिखाना जरूरी है। वहीं अगर आपके गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट में फायदेमंद बैक्टीरिया मौजूद नहीं हैं तो इसका प्रभाव आपके मूड पर दिखाई देता है।
ऐसे ठीक होगा : थाइरॉइड के असंतुलन में डाइट और व्यायाम मददगार साबित होते हैं।

चिड़चिड़ा मूड
चिड़चिड़ाहट की दो वजह हो सकती हैं। पहली यह कि आपको भूख लगी हो और दूसरी, आपके व्यवहार में उग्रता है।
ऐसे ठीक होगा : कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स युक्त भोजन खाएं।

अनियंत्रित मूड
बेवजह बार-बार मूड बदलता है जिस पर आप बिल्कुल नियंत्रण नहीं कर पाती तो यह बायपोलर डिसऑर्डर का लक्षण है। इसमें आप कुछ ही मिनटों में आवेग, तुनकमिजाजी, निराशा, बहुत ज्यादा डिप्रेशन या बेहद खुशी जैसी कई भावनाएं महसूस कर सकती हैं।
ऐसे ठीक होगा : डिप्रेशन की इस स्थिति में आपको कॉम्प्लिीमेंट्री, ऑल्टरनेटिव थेरेपी, एरोमा थेरेपी, की सहायता लेनी होगी।