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अप्रेजल की प्रोसेस में सबको रखना होगा खुश…

मैनेजर्स के लिए सालाना अप्रेजल की प्रक्रिया काफी महत्वपूर्ण होती है। इसमें मैनेजर्स को कई एम्प्लॉइज का गुस्सा और नाराजगी भी झेलनी पड़ती है।

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Amanpreet Kaur

Oct 07, 2017

Appraisals

Appraisals

मैनेजर्स के लिए सालाना अप्रेजल की प्रक्रिया काफी महत्वपूर्ण होती है। इसमें मैनेजर्स को कई एम्प्लॉइज का गुस्सा और नाराजगी भी झेलनी पड़ती है। कई बार स्थिति बिगड़ भी जाती है। जानते हैं इस स्थिति को कैसे डील किया जा सकता है-
हर एम्प्लॉई चाहता है कि अप्रेेजल प्रोसेस में पारदर्शिता रहे। इसलिए मैनेजर्स को परफॉर्मेंस पैरामीटर्स के बारे में स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए। एम्प्लॉइज के साथ नेगेटिव फीडबैक को लेकर चर्चा नहीं करनी चाहिए। अप्रेजल पर चर्चा के दौरान अपने व्यवहार का ध्यान रखना चाहिए और किसी भी एम्प्लॉई को लेकर ज्यादा पर्सनल नहीं होना चाहिए। एम्प्लॉइज के साथ बहस और गुस्से से बचना चाहिए। इसलिए सही समय पर एम्प्लॉइज को सारी बात समझाने का प्रयास करें। कुछ समय बाद जब एम्प्लॉइज को सारी बातें समझ में आती हैं, तो उनका गुस्सा अपने आप खत्म हो जाता है।

हर एम्प्लॉई की समस्या अलग तरह की होती है। इसलिए उनके साथ चर्चा के लिए टाइम फ्रेम भी अलग-अलग ही रखना चाहिए। तय किए गए समय के दौरान संतुलित बातचीत करनी चाहिए। अगर आप हर एम्प्लॉई के कॅरियर रोडमैप को ध्यान में रखकर चर्चा करेंगे तो उसे कम समय दिए जाने की शिकायत नहीं रहेगी।

कमजोर परफॉर्मर्स की अपेक्षाओं से कैसे निपटें?

कई एम्प्लॉइज पूरे साल अच्छा परफॉर्म नहीं करते और प्रमोशन की अपेक्षा भी करने लगते हैं। ऐसे में बतौर मैनेजर आपको कमजोर परफॉर्मर्स को बताना चाहिए वे भविष्य के लक्ष्यों और योजनाओं पर ध्यान दें। कई बार कमजोर परफॉर्मर्स प्रमोशन के लिए भावनात्मक रूप से दबाव बनाते हैं। इस स्थिति में मैनेजर्स को उनकी गलतियां बताने के बजाय भविष्य में बेहतर करने के लिए प्रेरित करना चाहिए। आपको कमजोर परफॉर्मर्स से सवाल करने चाहिए कि आगे बढऩे के लिए उनके पास क्या प्लान है। आपको उन्हें कॅरियर को समझने के लिए प्रेरित करना चाहिए। आपको उन्हें बताना चाहिए कि अगर वे सही पैरामीटर्स पर काम करेंगे तो सफलता जरूर मिलेगी। आपको अपने कमजोर परफॉर्मर्स से नियमित रूप से चर्चा करनी चाहिए।

फीडबैक देते समय किस तरह बात करें?

टीम के अंडर-परफॉर्मर्स के साथ सख्ती से बात करना जरूरी है, लेकिन इस बातचीत में मदद का भाव होना चाहिए। मैनेजर को एम्प्लॉइज को इस तरह से फीडबैक देना चाहिए कि उन्हें अपनी गलती के बारे में पता लगे। मैनेजर को बताना चाहिए कि कंपनी की उनसे क्या-क्या अपेक्षाएं हैं और एम्प्लॉइज को अपने प्रोफाइल में क्या-क्या जोडऩा चाहिए। फीडबैक देते समय एम्प्लॉइज के योगदान को भी रेखांकित करना चाहिए।

स्टार परफॉर्मर कंपनी छोडऩे की बात कहे तो क्या करें?

अगर स्टार परफॉर्मर मौजूदा रोल में रुचि लेना बंद कर दे तो वह छोडक़र जाने की बात कर सकता है। उसके पास कोई और अच्छा ऑफर भी हो सकता है। मैनेजर्स को ऐसे एम्प्लॉइज को याद दिलाना चाहिए कि संस्थान उनके लिए क्या-क्या कर चुका है। उन्हें बताना चाहिए कि संस्थान में रहकर उनके कॅरियर ग्राफ ने किस तरह से ऊंचाइयों को छुआ। उन्हें किसी तरह का झूठा वायदा नहीं करना चाहिए।

एम्प्लॉइज से नियमित रूप से नहीं मिले!

अगर आप सालाना अप्रेजल से पहले नियमित रूप से एम्प्लॉइज से नहीं मिले हैं तो एम्प्लॉइज इसे मनमाना असेसमेंट कहेंगे। मैनेजर्स को सालाना अप्रेजल से पहले एम्प्लॉइज से जरूर मिलना चाहिए। एम्प्लॉइज से काम के बारे में जानकारी लेनी चाहिए और उन्हें अप्रेजल पैरामीटर्स के बारे में जानकारी देनी चाहिए। सालाना चर्चा पर बुलाने से पहले आपको एम्प्लॉइज से जुड़ी जानकारियां जुटानी चाहिए और पुरानी रेटिंग्स पर गौर करना चाहिए।