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हमेशा साथ रखें पेन और नोटबुक

दुनिया के दिग्गज एंटरप्रेन्योर्स अपने साथ हमेशा एक पेन और नोटबुक जरूर रखते हैं

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Amanpreet Kaur

Sep 29, 2017

pen and notebook

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दुनिया के दिग्गज एंटरप्रेन्योर्स अपने साथ हमेशा एक पेन और नोटबुक जरूर रखते हैं। आपको भी उनकी यह आदत अपनानी चाहिए। एक पेन और पेपर आपको एक सफल एंटरप्रेन्योर बना सकते हैं।

आपको यह बात भले ही अजीब लग रही होगी लेकिन यह सच है कि बिल गेट्स, रिचर्ड ब्रेनसन जैसे दिग्गज एंटरप्रेन्योर्स हमेशा अपने साथ एक पेन और नोटबुक रखते हैं। उनका मानना है कि यह उन्हें आइडियाज रिकॉर्ड करने में, चीजों को याद रखने में मदद करता है। इससे उनकी प्रोडक्टिविटी बढ़ती है। अगर आप भी सफल होना चाहते हैं तो दुनिया के दिग्गज एंटरप्रेन्योर्स की इस टिप को फॉलो करके देख सकते हैं। जानिए, क्या हैं इसके फायदे -

नए आइडिया लिखें

आपके दिमाग में नए-नए आइडिया अक्सर आते होंगे और आप सोचते होंगे कि उन्हें बाद में लिख लेंगे लेकिन बाद में आप उन्हें भूल जाते होंगे। ऐसे में अगर आपके पास हमेशा एक पेन और नोटबुक होगी तो आप आइडिया को तभी लिख सकेंगे और सही वक्त पर उस पर योजना बनाकर काम भी शुरू कर सकेंगे।

टू डू लिस्ट नोट करें

आप अपने इस पेन और नोटबुक की मदद से अपनी रोज की टू डू लिस्ट लिख सकते हैं। काम पूरे होने पर उन्हें काट दें। ऐसा करने से आपके काम पूरे भी हो जाएंगे और आप कुछ भूलेंगे भी नहीं। इसके साथ ही ऐसा करने से आपको संतुष्टि भी महसूस होगी।

अपने विचार लिखें

जब भी आप कहीं जाते हैं या आप किसी से मिलते हैं तो आपको कई विचार सूझते होंगे। ऐसे में आप अपने इन विचारों को नोटबुक में लिख सकते हैं और बाद में उन पर सही ढंग से सोच सकते हैं। इससे आपको अपने लक्ष्य तक पहुंचने का रास्ता ढूंढऩे में मदद मिलेगी।

अपने आइडिया से भटकें नहीं

कभी-कभी जीवन में ऐसी घटनाएं हो जाती हैं, जो इंसान को भीतर तक झकझोर देती हैं। ऐसी घटनाओं से ज्यादातर लोग टूट जाते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं, जो संबंधित घटना से दूसरे लोगों को प्रभावित होने से रोकने के लिए समाधान खोजने में जुट जाते हैं। ऐसा ही कुछ किया रिचा सिंह ने। योरदोस्त डॉट कॉम वेबसाइट की को-फाउंडर एंड सीईओ रिचा ने इसे अपनी फ्रेंड के सुसाइड करने के बाद शुरू किया। दरअसल, आईआईटी गुवाहाटी में पढ़ाई के दौरान रिचा की एक दोस्त ने आत्महत्या कर ली थी। उसकी आत्महत्या की वजह खुद रिचा भी नहीं जान पाई कि आखिर उसने ऐसा क्यों किया? रिचा के अनुसार, अगर उनकी फ्रेंड को कोई अच्छा काउंसलर मिलता तो शायद वह यह कदम नहीं उठाती। इस घटना के बाद रिचा ने तय किया कि वह ऐसा काम करेगी जिससे उनकी तरह कोई और अपना दोस्त या करीबी नहीं खोए। रिचा ने कॉलेज के बाद हैदराबाद में इन्वेस्टमेंट फर्म डीई शॉ एंड कंपनी में जॉब शुरू की। यहां उन्होंने अपने सहयोगी पुनीत मनुजा के साथ मेंटल हैल्थ पर शोध करना शुरू किया। फिर उन्होंने 2014 में बेंगलूरु में योरदोस्त को शुरू किया।

इस वेबसाइट की खास बात यह है कि इसकी सहायता से आप बिना अपनी पहचान बताए योरदोस्त एक्सपर्ट से चैट कर सकते हैं। आज देश में एक बड़ा तबका अवसाद से ग्रस्त है, ऐसे में रिचा की यह वेबसाइट उनके लिए दोस्त बनकर सामने आई है, जहां वे अपनी बात साझा कर सकते हैं। परेशान और दबाव में जी रहे लोगों के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि वह अपनी बात दूसरे से शेयर करें। शुरू में रिचा को अपने इस स्टार्टअप के लिए फंड जुटाना बहुत मुश्किल था, क्योंकि लोग ऐसे नए आइडिया पर यकीन नहीं कर पा रहे थे, लेकिन रिचा आज सफल उद्यमी हैं। अपने इस स्टार्टअप के लिए उन्हें फोब्र्स २०१७ की ३० अंडर ३० एशिया लिस्ट में जगह भी मिली है।