
Rajan Anandan
राजन आनंदन मूल रूप से श्रीलंका के कोलंबो शहर के रहने वाले हैं। इनके घर में पढ़ाई से अधिक बेहतर माहौल स्पोट्र्स को लेकर था। इनके पिता वी.एस कुमार आनंदन तैराक थे। भारत और श्रीलंंका को अलग करने वाले पाल्क स्टे्रट को तैराकी से पार कर चुके हैं। पिता चाहते थे कि ये भी तैराकी करें पर इनका मन पढ़ाई में ही लगा रहा। इनकी इच्छा थी कि ये पढ़ लिखकर कुछ ऐसा करें जिससे पूरी दुनिया के विकास में अहम भूमिका निभा सकें। स्कूली शिक्षा पूरी होने के बाद इन्होंने कंप्यूटर साइंस से स्नातक करने का फैसला किया था।
17 की उम्र में पहुंचे एमआईटी
अमरीका के मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में दाखिला लिया और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की। 1992 में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम्स इंजीनियरिंग में मास्टर्स की पढ़ाई की है। पढ़ाई और अपना खर्च चलाने को कैफेटेरिया और म्यूजियम में काम करते थे।
नौ साल से घर में टीवी नहीं
पिछले नौ साल से घर में टीवी नहीं है। कारण इनकी एक साल की बेटी माया थी जो हर वक्त टीवी से चिपकी रहती थी। पत्नी राधिका ने टीवी हटा दिया। टीवी हटने के बाद इनकी बेटी कंप्यूटर पर समय बिताने लगी। दस साल की उम्र से ही कंप्यूटर प्रोग्रामिंग में रुचि हो गई। अब कंप्यूटर से जुड़ी हर जानकारी बेहतर तरीके से जानती है।
एक अरब लोगों को इंटरनेट से जोडेंग़े
देश में अभी तक 400 मिलियन (करीब 40) करोड़ लोग इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। स्मार्ट फोन का इस्तेमाल करने वालों की संख्या करीब तीस करोड़ है और सामान्य फोन का इस्तेमाल करने वालों की संख्या 60 करोड़ 50 लाख है। इनकी रिसर्च के मुताबिक अभी मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने वाले रोजाना औसतन करीब चार जीबी डेटा इस्तेमाल कर रहे हैं। अधिक से अधिक लोगों तक स्मार्ट फोन और इंटरनेट की सुविधा पहुंचाकर इस आंकड़े को करीब ग्यारह जीबी प्रतिदिन करना है। इसके लिए पहले चरण में कम से कम भारत के एक अरब लोगों को इंटरनेट और स्मार्ट फोन से जोड़ा जाएगा। भारतीय भाषा को जानने वाले करीब 23 करोड़ लोग ऑनलाइन हैं जबकि 17 करोड़ लोग मैसेजिंग का प्रयोग कर रहे हैं। डेटा यूसेज बढ़ाकर देश में इंटरनेट क्रांति लाने की तैयारी में लगे हुए हैं।
चर्चा में...
गूगल फॉर इंडिया कार्यक्रम में गूगल के एंट्री लेवल एंड्रॉयड फोन की जानकारी देते हुए कहा है कि इनका लक्ष्य हर भारतीय को इंटरनेट की दुनिया से जोडऩा है। इसमें सबसे पहले वे ९० करोड़ लोग हैं जिन्हें इंटरनेट के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इनका मानना है कि भारत में जितने अधिक लोगों को इंटरनेट से जोड़ा जाएगा दुनिया उतनी ही तेजी से आगे बढ़ेगी।
2011 में गूगल को ज्वॉइन किया और भारत में गूगल के बिजनेस को बढ़ाने पर तेजी के साथ काम कर रहे हैं।
2017 में गूगल ने इन्हें इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया का चेयरमैन नियुक्त किया था।
2018 में ऑनलाइन बिजनेस पर जोर है। पांच करोड़ छोटे बिजनेस हैं जिसमें सिर्फ एक करोड़ बिजनेस वेबसाइट बनी हुई है।
3 लाख गांवों में स्मार्टफोन और इंटरनेट पहुंचा ग्रामीणों को डिजिटल इंडिया से जोडऩे का लक्ष्य रखा है।
Published on:
14 Jan 2018 10:32 am
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