
Success
यदि हम अपने जीवन में छोटी गलतियों को भी नजरंदाज न करें तो हमारी गलतियां जिंदगी में बहुत बड़ा बदलाव कर सकती हैं।
ज रा सोचो कि हम एक बहुत जरूरी काम कर रहे हैं। हमने पूरी तैयारी की, लंबे समय तक अभ्यास भी किया, अपना बेस्ट देने की कोशिश की और काम अच्छा होगा इसको लेकर हम पूरी तरह से आशावादी हैं और वह वक्त आ गया जब परिणाम की घड़ी आ गई है। लेकिन यह क्या? जो भी सोचा था उसका उल्टा हो गया, हमारे प्लान में कुछ गलती हो गई और उस गलती का परिणाम यह हुआ कि हमारा बहुत ही महत्वपूर्ण काम वैसा नहीं हुआ, जैसा हम सोच रहे थे। हम पर गलती करने का ठप्पा लग गया। अब क्या करें? हम मानसिक रूप से टूट चुके हैं। समझ में नहीं आ रहा है कि क्या किया जाए। बाहरी रूप से लोग कुछ भी कहें, लेकिन वास्तविकता यह है इतनी बड़ी गलती होने पर ज्यादातर लोग दूसरा बड़ा कदम उठाने से घबरा जाएंगे और उसके बाद शुरू होगा रिस्क न लेने का सफर जो पूरी जिंदगी खत्म ही नहीं होता है। यदि इस मानसिकता को उल्टा कर दिया जाए और कुछ खास तरीके अपनाकर हम अपने जीवन में अभ्यास करें तो गलती को लेकर हमारी सोच पूरी तरह बदल जाएगी। गलती होने पर घबराने के बजाय समझदारी से काम लेना चाहिए।
गलतियां हर बार नई होनी चाहिए
यदि हर बार हमारी गलतियां नई हैं तो इसका मतलब है कि हम अनुभव में आगे बढ़े रहे हैं, नए तरीकों जानने में, साहस में, सीखने में और साथ ही हम उस भीड़ से अलग हो रहे हैं, जिसमें ज्यादातर लोग गलती करने के बाद रुक जाते हैं। अब चाहे वह गलती कॅरियर में हो, रिश्तों में हो, व्यापार में हो या कुछ नया करने में हो। यह तो तय है कि उसके बाद एक अनुभव मिला है और यह अनुभव अमूल्य है। इस अनुभव को अपने आगे बढऩे का, अपने चलने का, अपने गतिशील रहने का मानें यानी कि आप कुछ कर रहे हैं। और हां, हर बार गलती में नयापन तो होना ही चाहिए, ताकि हम गलती करते-करते बोर न हों और हमारे सीखने में नयापन हो। आप गलती कर रहे हो! बधाई हो। आप सही करने की कोशिश कर रहे हो। गलती होने पर डरकर बैठ जाने वाला व्यक्ति जीवन में कभी सफलता प्राप्त नहीं कर सकता है।
गलतियों के बारे में बात करें
हम अक्सर अपनी गलतियों को छुपाते हैं और इससे हम हमेशा डरे रहते हैं। यदि हम उनको लोगों को बताना शुरू कर दें तो यह एक मजेदार अनुभव साबित हो सकता है। इससे आपका आत्मविश्वास बढऩे लगेगा और आप अपने व्यवहार में संकोच या घबराहट की बजाय खुलापन, निडरता और धैर्य की उपस्थिति पाएंगे। उन अनुभवों को साझा करने से आपके साथ-साथ अन्य लोग भी सीखेंगे और धीरे-धीरे आप सेल्फ मोटिवेट होने लगेंगे। पर हां, एक बात का ध्यान रखनी है कि अपनी गलतियां उनसे शेयर करें जो उत्साहित और मोटिवेट करें, नकारात्मक लोगों से नहीं। नेगेटिव लोगों से बचकर ही रहें। नेगेटिव लोग आपकी एनर्जी को बेकार कर देते हैं।
सीखने की महत्वाकांक्षा हो
किसी भी काम को करते वक्त यदि यह नजरिया बना लिया जाए कि यह काम हर हाल में मेरे अनुभव को बढ़ाने वाला है। यदि यह सही हुआ तो मैं यह सीखूंगा कि कौनसे तरीके सही हैं और गलत हुआ तो यह सीखूंगा कौनसे तरीके सही नहीं हैं पर दोनों ही हालातों में सीखूंगा। गलती होने पर भी आगे बढ़ूंगा और सही होने पर भी पर अपने प्लान को रुकने नहीं दूंगा। मुझे पता है कि किसी भी कार्य को करते वक्त ठीक होना या गलत होना दोनों की संभावनाएं हैं। मेरे लिए गलती की परिभाषा है- सीखना। सीखने वाला इंसान कभी भी रुकता नहीं है। अगर आपके अंदर सीखने की महत्वाकांक्षा होगी तो फिर आपको सफलता जरूर मिलेगी।
Published on:
27 Nov 2017 09:27 am
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