
Marriage
भारत में शादी की औसत उम्र लगातार बढ़ती जा रही है। बाल विवाह की कुरीति से हाल ही में बाहर निकले देश में बढ़ती उम्र में शादी कई तरह की आशंकाओं को जन्म दे रही है। समय के साथ होनेवाले शारीरिक परिवर्तन, वंश आगे बढ़ाने की पारंपरिक चिंता और एक खास उम्र तक रहने वाली आर्थिक अनिश्चितता के बीच भावनात्मक जरूरत जैसे दम तोड़ती प्रतीत हो रही है। युवा अपने तरीके से रास्ते तलाश रहे हैं। 'लिव-इन रिलेशनशिप' या 'कम्पैनियनशिप' जैसे विचार कई जटिलताओं के बावजूद नए रास्ते खोजने की जद्दोजहद का नतीजा हैं। जीवन में 'सबसे बड़ा रुपैय्या' का फंडा कॅरियर को सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण बना रहा है। खासतौर पर मध्यम व उच्च मध्यम वर्ग में इसने जीवन की प्राथमिकताओं को बदल दिया है। क्या ऐसा होना देश की युवा-आबादी को किसी तरह की परेशानी में डाल रहा है? या वे सही दिशा में जा रहे हैं? क्या शादी की कोई आदर्श उम्र हो सकती है? या इसपर चिंता करना ही व्यर्थ है?
इन सवालों के जवाब ढ़ूंढने के लिए पत्रिका ने कई विशेषज्ञों से चर्चा की।
इन वजहों से युवा कर रहे हैं देर से शादी
आज कई तरह की डेटिंग वेबसाइट और एप्स का इस्तेमाल कर लोग देश ही नहीं, विदेश में भी अपनी पसंद का साथी ढूंढ़ सकते हैं। पहले साधन सीमित थे...
कॅरियर का महत्व बढ़ गया है
युवा अपने कॅरियर को लेकर महत्वाकांक्षी हो गए हैं। शादी से पहले जॉब में अच्छी तरह सेटेल हो जाना चाहते हैं।
अपना फैसला खुद ले सकते हैं
पहले शादी का फैसला बड़े-बूढ़ों के हाथों में था। अब लोग शादी से जुड़े सारे फैसले खुद लेने लगे हैं।
आर्थिक तौर पर मजबूती
शादी से पहले आर्थिक आत्मनिर्भरता को तरजीह देने लगे हैं, ताकि शादी के बाद उनका घर अच्छे-से चले।
नई और विकसित तकनीकें
अब तरह-तरह की तकनीक और इलाज ज्यादा उम्र में भी लोगों को माता-पिता बनने के अवसर दे रहे हैं।
कमिटमेंट से युवा डरता है
बनते-बिगड़ते रिश्तों के कई उदाहरण सामने हैं। ऐसे में वे शादी के कमिटमेंट से डरते हैं और सही वक्त का इंतजार करते हैं।
लिव इन रिलेशन का चलन
लिव इन रिलेशनशिप को युवा इसलिए भी अपनाते हैं कि जान सकें, साथी से शादी का उनका फैसला सही है या नहीं।
शादी की सही उम्र 35-40 वर्ष!
एक युवा के पास 22-25 वर्ष की उम्र में दो लक्ष्य होते हंै। पहला, उसे अच्छी नौकरी मिल जाए। दूसरा, सही साथी। अब यह उस पर निर्भर करता है कि उसे जीवन में क्या और किस उम्र में चाहिए। रेसलर संग्राम सिंह ने शादी के बारे में एक इंटरव्यू में खुल कर बात की। शादी की सही उम्र क्या है? कौन तय कर रहा है, हम और आप जैसे कुछ लोग। या फिर समाज के वे ठेकेदार जो शायद खुद अपनी बीवी और बेटी को घर में सही सम्मान नहीं देते। मेरा मानना है कि एक जानवर भी अपने वंश को बढ़ाने के लिए बच्चे पैदा करता है। इसलिए इंसानों को सिर्फ इस बात के लिए शादी करने की जल्दी नहीं होनी चाहिए। वैसे यह निजी मामला है। जो करना चाहे, करे। जो नहीं, उस पर दवाब क्यों?
मैं मानता हूं कि 35 से 40 वर्ष की उम्र में एक लडक़ा और लडक़ी दोनों पूरी तरह से परिपक्व हो जाते हैं। यह वह उम्र है, जब उन्हें सही साथी की जरूरत होती है और उस रिश्ते को पूरी तरह निभाने के लिए तैयार रहते हैं। मैं हरियाणा से हूं, जहां कम उम्र में ही बच्चों की शादी कर माता-पिता अपनी जिम्मेदारी से मुक्त हो जाते थे। पुराने समय में तो लड़कियों की सुरक्षा की वजह से जल्दी शादी होती थी, बाद में यह परंपरा ही बन गई। जब से मैं 17 वर्ष का हुआ हूं, तब से मां मेरी शादी करवाना चाहती हैं।
हर दो साल के बाद वह कहती थीं, अब नहीं करेगा तो क्या मेरे मरने के बाद करेगा। मेरा एक ही जवाब आता था, सही वक्त का इंतजार करो।अब जाकर मेरे घरवालों को मेरी बात समझ में आई है। मैं अपने गांव के लडक़े-लड़कियों को भी यही संदेश देता हूं कि अपनी जिंदगी पहले बनाओ, समझो कि इंसानी जीवन एक बार मिलता है। इसका मकसद सिर्फ शादी नहीं होना चाहिए, क्योंकि वह तो अपनेआप हो जाएगी।
Published on:
26 Nov 2017 12:01 pm
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