
Mahrang Baloch
पाकिस्तान (Pakistan) में चल रही आंतरिक कलह देश की सरकार के साथ ही सेना के लिए भी चिंता का विषय है। हम बात कर रहे हैं बलूचिस्तान (Balochistan) की। बलूचिस्तान, पाकिस्तान का ऐसा प्रांत है, जहाँ पिछले कुछ सालों से लोग सरकार के साथ ही सेना के भी विरोध में हैं। बलूच अलगाववादी काफी समय से बलूचिस्तान को पाकिस्तान से आज़ाद कराने की मांग कर रहे हैं। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) जैसे कई अलगाववादी संगठन, समय-समय पर पाकिस्तानी सेना और पुलिस पर हमले भी करते हैं। बलूचों के अनुसार पाकिस्तानी सरकार और सेना उनके साथ भेदभाव करती है, उनके लोगों को ज़बरदस्ती अगवा कर लिया जाता है, उनकी हत्या कर दी जाती है, उनके मानवाधिकारों का हनन होना है। ऐसे में बलूचों में पाकिस्तानी सरकार, सेना और दूसरे प्रांतों के लोगों के प्रति भी नाराज़गी है और वो बलूचिस्तान को पाकिस्तान से लगा करना चाहते हैं। बलूच नेता मीर यार बलूच ने बलूचिस्तान की आज़ादी का ऐलान करते हुए कहा कि बलूचिस्तान, पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है। मीर ने भारत (India) समेत दुनिया के सभी देशों से समर्थंन की गुहार लगाई है।
पाकिस्तान से बलूचिस्तान की आज़ादी में कई नेता अहम भूमिका निभा रहे हैं और बलूचों की आवाज़ बन रहे हैं। आइए उन पर नज़र डालते हैं।
मीर यार बलूच (Mir Yar Baloch), बलूचिस्तान प्रांत का एक लेखक, अलगाववादी, स्वतंत्र पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता है। उसने 9 मई, 2025 को पाकिस्तान से बलूचिस्तान की आज़ादी की घोषणा करते हुए बलूचिस्तान गणराज्य का गठन किया। इसके साथ ही उसने खुद को बलूचिस्तान का पहला राष्ट्रपति भी घोषित किया। मीर, प्रमुख बलूच नेताओं में से एक है और बलूचों की हक की बात करने से कभी पीछे नहीं हटता।
महरंग बलूच (Mahrang Baloch) एक बलूच मानवाधिकार कार्यकर्ता होने के साथ ही प्रमुख बलूच नेताओं में से एक है। पिछले कुछ समय में महरंग तेज़ी से लोकप्रिय हुई है। महरंग, बलूचिस्तान में बलूच यकजेहती समिति की नेता भी है, जिसका लक्ष्य बलूचों के मानवाधिकारों की रक्षा करना, उन पर हो रहे अन्यायों के खिलाफ आवाज़ उठाना है। अक्सर ही महरंग को बलूचों को संबोधित करते हुए और उनमें जोश भरते हुए देखा जाता है।
सम्मी दीन बलूच (Sammi Deen Baloch), बलूचिस्तान की युवा नेता है। वह भी बलूच यकजेहती समिति की नेता है और हमेशा बलूचों के मानवाधिकारों की बात करने से पीछे नहीं हटती। पिछले 15 वर्षों से सम्मी, बलूच लोगों के अधिकारों के लिए आवाज़ उठाती आई है।
साहिबा बलूच (Sahiba Baloch) भी बलूच मानवाधिकार कार्यकर्ता होने के साथ बलूच यकजेहती समिति की नेता भी है। बलूचों के लिए आवाज़ उठाने में साहिबा हमेशा आगे रहती है। वह बलूच स्टूडेंट्स एक्शन समिति की अध्यक्ष भी रह चुकी है।
Updated on:
15 May 2025 02:02 pm
Published on:
15 May 2025 01:47 pm

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