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Amit Shah के बयान से भड़क उठा ढाका, घुसपैठिए बांग्लादेशियों को बाहर निकालने की टिप्पणी नहीं आई रास

Amit Shah Bangladesh infiltrators: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने ढाका में भारत के उप उच्चायुक्त पवन बाधे को विरोध पत्र सौंपते हुए व्यक्त की है।

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Bangladesh Crisis: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बांग्लादेशी नागरिकों के बारे में हालिया बयानों पर विरोध दर्ज कराया है। शाह ने हाल में झारखंड के बोकारो में एक रैली दौरान कहा था कि अगर झारखंड में जनता भाजपा को सत्ता में लाती है, तो बीजेपी 'हर बांग्लादेशी घुसपैठिये को उल्टा लटकाकर उन्हें सबक सिखाएगी।' इस रैली में शाह ने कहा था कि 'राज्य में घुसपैठियों के लिए कोई जगह नहीं। वे हमारी बेटियों से शादी कर रहे हैं, जमीन हड़प रहे हैं और समृद्ध आदिवासी संस्कृति की विरासत को नष्ट कर रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'अगर इसी प्रकार से चला तो आने वाले 20-25 साल में यह घुसपैठिए यहां बहुमत में आ जाएंगे। कांग्रेस और हेमंत सोरोन इन्हें नहीं रोक सकते, क्योंकि वे वोटबैंक की पॉलिटिक्स करते हैं। एक बार हमें सत्ता देकर देखिए। हम हर एक घुसपैठियों को बाहर कर देंगे।' शाह ने कहा, मुझे बताइए कि यह जमीन क्या आदिवासियों या रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों की है। न तो जेएमएम और न ही कांग्रेस झारखंड को बचा सकती है। केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही इसे बचा सकते हैं। गृह मंत्री ने दावा किया कि घुसपैठियों के कारण संथाल परगना संभाग में आदिवासी आबादी 44 फीसदी से घटकर 28 फीसदी रह गई है।

आपत्तिजनक और अस्वीकार्यः बांग्लादेश

शाह के बयान पर बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने ढाका में भारत के उप उच्चायुक्त पवन बाधे को विरोध पत्र सौंपते हुए अपनी 'गंभीर आपत्ति और अत्यधिक नाराजगी' व्यक्त की है। मंत्रालय ने इसके साथ ही भारत सरकार से राजनीतिक नेताओं को ऐसी आपत्तिजनक और अस्वीकार्य टिप्पणियां करने से बचने की सलाह देने की गुजारिश की है। मंत्रालय ने इस बात पर भी जोर दिया कि पड़ोसी देश के नागरिकों के खिलाफ जिम्मेदार पदों से आने वाले ऐसे बयान दो मित्र देशों के बीच आपसी सम्मान और समझ की भावना को कमजोर करती हैं।

भारत में आते हैं बांग्लादेशी घुसपैठिए

बांग्लादेश की सीमा कई भारतीय राज्यों से लगती है। ऐसे में बांग्लादेश की और से अवैध तरीके से घुसपैठियों का आना लंबे समय से राजनीतिक मुद्दा रहा है। दो दशक पहले 2004 में तत्कालीन गृह राज्य मंत्री श्रीप्रकाश जयसवाल ने संसद को बताया था, कि भारत में 1.2 करोड़ से ज्यादा अवैध बांग्लादेशी थे। हालांकि पश्चिम बंगाल और असम की सरकारों की आलोचना के बाद उन्होंने अपना बयान वापस लिया। 2016 में तत्कालीन गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था, 'उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, भारत में बांग्लादेश के 2 करोड़ अवैध अप्रवासी हैं।' इस बयान का भी काफी विरोध हुआ था।

भारत-बांग्लादेश मैच पर संकट के बादल

उधर, मध्यप्रदेश के ग्वालियर में 6 अक्टूबर को होने जा रहे भारत-बांग्लादेश के टी20 मैच पर संकट के बादल गहरा गए हैं। इस मैच को लेकर अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने चेतावनी दी है कि वह मैच के दिन ग्वालियर बंद का ऐलान कर रहे है। संगठन बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रही हिंसा, मंदिरों की तोड़फोड़ के विरोध में बांग्लादेश के साथ मैच खेलने का विरोध कर रहा है। महासभा के उपाध्यक्ष जयवीर भारद्वाज ने चेतावनी देते हुए कहा कि वह किसी भी हालत में यह मैच नहीं होने देंगे।

बांग्लादेश में लगे युनूस इस्तीफा दो के नारे

न्यूयॉर्क पहुंचे बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद युनूस को यहां जोरदार विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने यूनिस 'वापस जाओ' और 'इस्तीफा दो' जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने युनुस पर बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमले कराने का आरोप लगाया और ‘शेख हसीना हमारी प्रधानमंत्री हैं’ जैसे पोस्टर दिखाए। प्रदर्शनकारियों ने मीडिया से कहा कि युनूस ने 'गंदी राजनीति' के जरिये असंवैधानिक तरीके से सत्ता पर कब्जा कर लिया है। उधर, बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन और भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने न्यूयॉर्क में यूएनजीए 79 से इतर मुलाकात की। इस दौरान दोनों ने बांग्लादेश एवं भारत के बीच परस्पर हित के मुद्दों पर चर्चा की और संबंधों को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। यह जानकारी बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने दी।

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