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ट्रंप बनाम आइवी लीग: क्या हॉर्वर्ड ने बैरन ट्रंप को रिजेक्ट किया था ? जानिए सच्चाई

Barron Trump Harvard Admission: मेलानिया ट्रंप ने यह स्पष्ट किया है कि बैरन ट्रंप ने हॉर्वर्ड में कभी आवेदन ही नहीं किया था।

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भारत

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MI Zahir

May 28, 2025

Barron Trump Harvard Admission

डोनाल्ड ट्रंप और हॉर्वर्ड विवाद के बीच मेलानिया ट्रंप ने कहा है कि बैरन ट्रंप ने हॉर्वर्ड में कभी आवेदन ही नहीं किया था। (फोटो: वाशिंगटन पोस्ट)

Barron Trump Harvard Admission:अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( Donald Trump) और हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी के बीच चल रहे विवाद(Ivy League controversy) के बीच सोशल मीडिया पर यह चर्चा जोरों पर है कि क्या उनके सबसे छोटे बेटे बैरन ट्रंप को हॉर्वर्ड विश्वविद्यालय (Barron Trump Harvard) में प्रवेश से वंचित किया गया था। इस अफवाह पर विराम लगाते हुए मेलानिया ट्रंप ने स्पष्ट किया (Melania Trump statement) है कि बैरन ने कभी हॉर्वर्ड में आवेदन ही नहीं किया था। उनके संचार निदेशक निकोलस क्लेमेंस ने एक बयान में कहा, "बैरन ने हॉर्वर्ड में प्रवेश के लिए आवेदन नहीं किया था, और यह दावा कि उन्होंने या उनकी ओर से किसी ने आवेदन किया था, यह पूरी तरह से झूठ है।" यह बयान उन अफवाहों के बीच आया है जब डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन और आइवी लीग संस्थानों के बीच तनाव (Trump vs Harvard) चरम पर पहुंच गया है।

ट्रंप प्रशासन ने हॉर्वर्ड विश्वविद्यालय के खिलाफ कई कठोर कदम उठाए

इस बीच, ट्रंप प्रशासन ने हॉर्वर्ड विश्वविद्यालय के खिलाफ कई कठोर कदम उठाए हैं। जनवरी में व्हाइट हाउस लौटने के बाद ट्रंप और उनके प्रशासन ने हॉर्वर्ड और कोलंबिया सहित आइवी लीग स्कूलों के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया था, उन पर फिलिस्तीनी छात्र विरोध के नाम पर परिसरों में यहूदी विरोधी भावना को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। इसके नतीजतन संघीय एजेंसियों से हॉर्वर्ड के साथ लगभग 100 मिलियन डॉलर के अनुबंध रद्द करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

हॉर्वर्ड सभी छात्रों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध

हॉर्वर्ड विश्वविद्यालय ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि वह अपने कैम्पस में सभी छात्रों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। विश्वविद्यालय ने यह बात भी साफ की है कि वह किसी भी प्रकार की भेदभावपूर्ण गतिविधियों के खिलाफ है और इसके लिए आवश्यक कदम उठा रहा है।

मेलानिया ट्रंप ने बैरन के हॉर्वर्ड में आवेदन न करने की बात स्पष्ट कर दी

मेलानिया ट्रंप ने बैरन के हॉर्वर्ड में आवेदन न करने की बात स्पष्ट कर दी है, जिससे यह अफवाह पूरी तरह से निराधार साबित होती है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि ट्रंप प्रशासन का हॉर्वर्ड के प्रति कठोर रुख व्यक्तिगत कारणों से प्रेरित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक नीति का हिस्सा है।

मेलानिया ट्रंप प्राकृतिक रूप से अमेरिका की नागरिक बनीं

वर्तमान में अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप स्लोवेनिया में 26 अप्रैल 1970 को जन्मी थीं। उनका जन्म नाम मेलानिजा क्नाव्स था। उन्होंने 16 वर्ष की आयु में मॉडलिंग कॅरियर की शुरुआत की थी और न्यूयॉर्क में 1996 में आकर बस गईं। 2006 में उन्होंने अमेरिकी नागरिकता प्राप्त की, जिससे वे अमेरिका की एकमात्र प्रथम महिला बनीं जो प्राकृतिक रूप से नागरिक बनीं।

मेलानिया ट्रंप ने 'BE BEST' अभियान की शुरुआत की

गौरतलब है कि मेलानिया ट्रंप ने 2005 में डोनाल्ड ट्रंप से विवाह किया और उनके एकमात्र पुत्र बैरन ट्रंप हैं। वे 2017 से 2021 तक प्रथम महिला के रूप में कार्यरत रहीं और 2025 में पुनः इस पद पर आसीन हुईं। अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बच्चों की भलाई के लिए 'BE BEST' अभियान की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, साइबरबुलिंग और ओपिओइड दुरुपयोग के खिलाफ जागरूकता फैलाना था। हाल ही में, मेलानिया ट्रंप ने अपनी आत्मकथा 'मेलानिया' का ऑडियोबुक संस्करण जारी किया है।

बैरन ट्रंप की शिक्षा यात्रा भी चर्चा का विषय बन गई

बहरहाल डोनाल्ड ट्रंप और हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी के बीच चल रहे संग्राम के बीच, बैरन ट्रंप की शिक्षा यात्रा भी चर्चा का विषय बन गई है। उन्होंने न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय के स्टर्न स्कूल ऑफ बिजनेस में दाखिला लिया है, जो उनके पिता की शिक्षा से अलग है। यह कदम यह दर्शाता है कि बैरन अपने निर्णयों में स्वतंत्र हैं और उन्होंने अपनी शिक्षा के लिए खुद निर्णय लिया है।

एक्सक्लूसिव इनपुट क्रेडिट: मेलानिया ट्रंप के संचार निदेशक निकोलस क्लेमेंस का न्यूयॉर्क पोस्ट में प्रकाशित बयान।

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