
कांग्रेस सांसद शशि थरूर (फोटो आईएएनएस)
Venezuela Crisis: वेनेजुएला में बिगड़ती स्थिति पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारत की प्रतिक्रिया के संबंध में कहा कि भारत वेनेजुएला में बिगड़ती स्थिति पर उचित जवाब देगा। साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी ऐसे फैसले में राष्ट्रीय हित और कूटनीतिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखना चाहिए।
बता दें कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी सेना द्वारा गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद से दुनिया भर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। इस घटना की आलोचना की जा रही है। अमेरिका द्वारा वेनेजुएला में किए गए सैन्य ऑपरेशन के बाद विदेश मंत्री रुबियो ने कहा कि यह कोई युद्ध नहीं था, केवल एक तस्कर को पकड़ने के लिए की गई कार्रवाई थी। साथ ही, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रशासन की रणनीति अब सैन्य कार्रवाई के बजाय प्रतिबंधों, समुद्री प्रवर्तन और लगातार आर्थिक दबाव पर निर्भर करेगी।
हालिया घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए थरूर ने कहा, "जहां तक वेनेजुएला की स्थिति का सवाल है, मेरा मानना है कि भारत के राष्ट्रीय हित में कैसे जवाब देना है, यह फैसला सरकार पर छोड़ देना ही सबसे अच्छा है, इसमें शामिल देशों की संवेदनशीलता को देखते हुए।"
साथ ही उन्होंने इस घटना की आलोचना की और कहा कि अंतर्राष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर (UN Charter) के सिद्धांतों को बार-बार कमजोर किया गया है। उन्होंने कहा, "एक सामान्य सिद्धांत के तौर पर, यह साफ है कि पिछले पच्चीस सालों में अंतर्राष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का पालन करने के बजाय ज्यादा बार उसका उल्लंघन किया गया है।"
उन्होंने आगे कहा, "दुख की बात है कि जिसे आज दुनिया की व्यवस्था कहा जाता है, वह ज्यादा से ज्यादा दुनिया की अव्यवस्था जैसी दिखती है।"
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को एंटोनियो रुबियो ने कहा कि शनिवार को अमेरिका द्वारा किया गया सैन्य ऑपरेशन एक नशीले पदार्थों के तस्कर को गिरफ्तार करने के लिए किया गया था। यह ऑपरेशन अमेरिकी कानूनी अधिकार के तहत किया गया था। साथ ही उन्होंने कहा कि यह सैन्य ऑपरेशन कोई आक्रमण नहीं था। इसे युद्ध कहना सही नहीं है।
अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने तेल के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “वेनेजुएला का तेल उद्योग पूरी तरह से बर्बाद हो चुका है। अब वेनेजुएला में पहले जैसी तेल की स्थिति नहीं है। उन्होंने उन सभी तेल क्षेत्रों को नष्ट कर दिया है, जो कभी उनके देश के लिए अधिक आय का स्रोत थे।”
साथ ही रुबियो ने कहा, “वेनेजुएला के पास अब पहले जैसी स्थिति वापस लाने की क्षमता नहीं है। उन्हें निजी कंपनियों से निवेश की आवश्यकता है, जो केवल कुछ गारंटी और शर्तों के तहत ही निवेश करेंगी।”
Updated on:
05 Jan 2026 05:29 pm
Published on:
05 Jan 2026 05:28 pm
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