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सैन्य अभियान बढ़ाने के लिए चीन ने पेश किया 224 अरब डॉलर का रक्षा बजट

चीन ने रविवार को एक बार फिर दुनिया का सबसे बड़ा दूसरा रक्षा बजट पेश किया है। नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) के पहले दिन चीन ने अपना रक्षा बजट 7.2 प्रतिशत तक बढ़ाकर 1,550 अरब युआन तक कर दिया है, जो पिछले साल से अधिक है।

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बीजिंग। चीन ने रविवार को एक बार फिर दुनिया का सबसे बड़ा दूसरा रक्षा बजट पेश किया है। नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) के पहले दिन चीन ने अपना रक्षा बजट 7.2 प्रतिशत तक बढ़ाकर 1,550 अरब युआन तक कर दिया है, जो पिछले साल से अधिक है। चीन ने पिछले साल 7.1 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,450 अरब युआन का बजट पेश किया था। इस साल चीन ने अपना रक्षा खर्च बढ़कर 1,550 अरब युआन कर दिया है। हालांकि, युआन के मुकाबले डॉलर में गिरावट को देखते हुए इस साल चीन का रक्षा खर्च करीब 224 अरब डॉलर हो गया है, जो पिछले साल के 230 अरब डॉलर के मुकाबले कुछ कम ही है। चीन से पहले अमरीका, जापान, जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन और भारत भी अपना रक्षा बजट बढ़ा चुके हैं।

युद्ध की तैयारी बढ़ाएं... 2027 में ताइवान पर हमला
इससे पहले रबर-स्टांप संसद यानी एनपीसी के वार्षिक सत्र के पहले दिन चीन के निवर्तमान प्रधानमंत्री ली केकियांग ने प्रतिनिधियों से कहा कि, चीन को दबाने और नियंत्रित करने के बाहरी प्रयास बढ़ रहे हैं। सशस्त्र बलों को सैन्य प्रशिक्षण और सभी तरह की तैयारियों को तेज करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सेना को युद्ध की परिस्थितियों में प्रशिक्षण के लिए अधिक ऊर्जा लगाना होगा और... सभी दिशाओं और क्षेत्रों में सेना को मजबूत करना चाहिए।

उन्होंने कहा, 2027 में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सौ साल पूरे हो जाने के लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करते हुए सैन्य अभियान चलाने, युद्ध की तैयारियों को बढ़ावा देने और सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने के लिए काम करना चाहिए।
बता दें इसके पहले चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग कह चुके हैं कि पीएलए 2027 तक ताइवान पर आक्रमण करने और इसे बलपूर्वक कब्जा में लेने के लिए तैयार रहे।


सबसे बड़ी सेना, दूसरा सबसे ज्यादा बजट
अपने रक्षा बजट पर सबसे अधिक खर्च करने वाले देशों में अमरीका के बाद चीन का नंबर दूसरा है। अमरीका ने 2023 के लिए 816 अरब डॉलर का रक्षा बजट पेश किया है। वहीं चीन ने 2023 के लिए 224 अरब डॉलर का रक्षा बजट पेश किया है। भारत के लिहाज से चीन का रक्षा बजट तीन गुना अधिक है। भारत ने 2023-24 के लिए 72.6 अरब डॉलर का बजट पेश किया है। बढ़ते रक्षा बजट और 21 लाख सैनिकों वाली पीपुल्स लिबरेशन आर्मी दुनिया की सबसे बड़ी सेना है।

पार्टी का ही हिस्सा है सेना
चीन की सेना (पीपुल्स लिबरेशन आर्मी) सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की सैन्य शाखा है और इसमें 21 लाख से अधिक सदस्य हैं। इसकी कमान राष्ट्रपति और पार्टी नेता शी जिनपिंग के नेतृत्व वाले आयोग के पास ही है।

जीडीपी का 1.7 प्रतिशत सेना पर खर्च

विश्व बैंक के अनुसार, चीन ने 2021 में अपनी सेना पर सकल घरेलू उत्पाद का 1.7% खर्च किया, जबकि अमरीका ने सेना पर 3.5% खर्च किया है, जो कि पिछले साल बढ़ोतरी के बाद करीब 4 प्रतिशत होना बताया जा रहा है। गौर करने की बात ये है कि हाल में चार दशकों में चीनी अर्थव्यवस्था में दूसरी सबसे कमजोर ग्रोथ के बावजूद चीन का रक्षा खर्च लगातार बढ़ता ही जा रहा है।

5 प्रतिशत ग्रोथ का लक्ष्य
चीन ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए पांच प्रतिशत आर्थिक विकास लक्ष्य निर्धारित किया है। ये आंकड़ा पिछले दो दशक के सबसे कम लक्ष्यों में से एक है। पिछले साल चीन की आर्थिक विकास दर केवल तीन प्रतिशत थी। तब चीन सरकार ने 5.5 प्रतिशत का लक्ष्य रखा था। हालांकि, कोरोना के बिगड़े हालात के चलते वह अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी।